धार जिले में चार दिन में दूसरी घटना
धार, अग्निपथ। जिले में तेंदुओं के शिकार की घटनाएं लगातार बढऩे लगी है। चार दिन पहले धामनोद व मांडव रेंज में एक तेंदुए के पंजे काटने के बाद शनिवार को जिले के बाग वन क्षेत्र में तेंदुए का क्षत-विक्षत शव मिला है। शिकारी तेंदुए के कई अंग काट कर ले गए। जांच में पता चला है कि तेंदुए का अगला पैर कुल्हाड़ी या किसी धारदार हथियार से काटा गया है। तेंदुए का शव ग्राम पिपरियापानी में मिला है।
ग्रामीणों ने गुरुवार को पातालपुरा फलिए में नदी के पास मृत तेंदुए को देखा था। उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। शनिवार सुबह मौके पर धार के डीएफओ अशोक सोलंकी और बाग रेंज अधिकारी वैभव उपाध्याय की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए का पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। डॉक्टर सुनील बडोले, पवन सोलंकी और दीपक मुझालदा की टीम ने जांच में पाया कि जबड़े से एक केनाइन दांत उखाड़ा गया है। शिकारी तेंदुए की प्रोस्टेट ग्लैंड भी काट ले गए।
विभाग के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई सकती है
शिकारी हुए एक्टिव- जिले में लगातार तेंदुओ के साथ हो रही घटना को लेकर अनुमान लगया जा सकता है कि शिकारी भी जिले के साथ अन्य जिले में तेंदुए के शिकार में एक्टिव नजर आ रहे हैं वहीं इस तरह के मामले आसपास जिलों में भी सुनने को आ रहे हैं जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है के शिकारियों का समूह इस तरह की घटना को अंजाम देने में लगा है। या फिर तांत्रिक क्रिया का संदेह भी इसे कहा जा सकता है।
लगातार घटना को लेकर कई तरह के संदेह उठ रहे हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि तेंदुए का पंजा कटा होना किसी तांत्रिक क्रिया की ओर संकेत कर सकता है, क्योंकि अंधविश्वास के चलते कई बार ऐसे मामलों में तेंदुए के अंगों का उपयोग तंत्र-मंत्र में किया जाता है। हालांकि, वन विभाग के अधिकारी अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं और विस्तृत जांच की बात कह रहे हैं।
धामनोद रेंज में वन्यप्राणी का शिकार
धार डिवीजन के धामनोद व मांडू में 4 दिन पहले मिला तेंदुए का शव मिला था। वही कुछ दिनों पहले दो साल के तेंदुए का शव मिला था। वन विभाग की टीम ने 2 हजार फीट गहरी खाई से लगे जंगल में शव को बरामद किया था। धामनोद वन परिक्षेत्र में मांडू से सटे भडक़ला के जंगल की घटना में मृत तेंदुए का मुंह बुरी तरह कुचला हुआ था और उसके एक पैर का पंजा कटा हुआ था। जिससे मामले को लेकर कई संदेह पैदा हो रहे हैं। वन विभाग ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, वही धार डीएफओ दो अलग अलग जांच दल बनाया है उसमें एसडीओ व उनकी टीम जांच कर रही है।
वन्यजीव सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह शिकार का मामला साबित होता है, तो यह वन्यजीव सुरक्षा कानूनों की गंभीर अनदेखी होगी। वहीं, अगर यह किसी तांत्रिक क्रिया से जुड़ा मामला निकला, तो यह एक बेहद गंभीर अपराध होगा, जिस पर कठोर कार्रवाई की जरूरत होगी। वन विभाग ने इस मामले में स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है व साथ ही अपील कि है यदि किसी को इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो वे तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
एक साल में इस जंगल में 9 तेंदुए की मौत- जिले में लगातार तेदुओं की मरने की घटनाएं बढ़ रही है। बाग-कुक्षी वन क्षेत्र में पिछले एक साल में तेंदुए की मौत का 9 वां मामला है। हालांकि, शिकार कर शरीर के अंग निकालने का अभी कुछ दिनों इस तरह की घटनाएं सामने आने ली है। विशेषज्ञों के अनुसार तेंदुए की मौत करंट या गोली से नहीं हुई है। शव से विसरा नमूने लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे। डॉक्टरों की टीम दो दिन में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सौंपेगी।
अब आगे क्या
- तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कर मौत के सही कारणों का पता लगाया जाएगा।
- घटना की फॉरेंसिक जांच कर वन्यजीव अपराध से जुड़े पहलुओं की पुष्टि की जाएगी।
- यदि शिकार या तांत्रिक क्रिया की पुष्टि होती है, तो दोषियों की तलाश कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- वन विभाग इस घटना को लेकर पूरी तरह सतर्क है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि यह तेंदुए की प्राकृतिक मौत थी या किसी अवैध गतिविधि का नतीजा।
टीम बनाई है जल्द होगी कार्रवाई
तेदुओं की हत्या की घटना को लेकर विभाग सतर्क है। अलग अलग दो जांच टीम बनाई है जिसमे सरदारपुर एसडीओ व एक टीम में धार एसडीओ जांच कर रहे हैं।
– अशोक कुमार सौलंकी, डीएफओ धार