चुनावी सभाओं में शामिल होने अपने विधानसभा क्षेत्र बारामती जा रहे थे, लैंडिंग के वक्त क्रैश
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार की सुबह एक दुखद विमान हादसे में निधन हो गया। यह दुर्घटना उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र बारामती में लैंडिंग के दौरान हुई। इस हृदयविदारक घटना में अजित पवार के साथ विमान में सवार सभी 5 लोगों की जान चली गई है।
पवार 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए चार रैलियों को संबोधित करने वाले थे। वे मुंबई से सुबह 8.10 बजे रवाना हुए थे। केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि पायलट ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया तो वह प्लेन को दोबारा ऊंचाई पर ले गया।
पहली कोशिश नाकाम रहने के बाद बारामती के रनवे-11 पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इस दौरान विमान रनवे से पहले ही गिर गया और उसमें आग लग गई। इस दौरान पायलट ने कोई इमरजेंसी सिग्नल नहीं दिया था। उसने ’मेडे’ कॉल भी नहीं किया।
पांच धमाके हुए
चश्मदीदों के मुताबिक, जमीन से टकराते ही विमान में एक के बाद एक करीब 5 धमाके हुए और वह आग के गोले में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि मलबे के पास जाना भी असंभव था।
हादसे में जान गंवाने वाले अन्य लोग
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुष्टि की है कि इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है। अजित पवार के अलावा, उनके निजी स्टाफ के सदस्य विदिप जाधव, फ्लाइट अटैंडेंट पिंकी माली, मुख्य पायलट सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की भी इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। सभी के पार्थिव शरीर बारामती के अस्पताल ले जाए गए हैं। अजित पवार के आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही महाराष्ट्र सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इसे एक अपूरणीय क्षति बताया है।
अंतिम संस्कार गुरुवार 11 बजे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बारामती गए है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 3 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। पवार का अंतिम संस्कार बारामती में गुरुवार सुबह 11 बजे किया जाएगा। 66 वर्षीय अजित पवार, जिन्हें उनके समर्थक प्यार से दादा कहते थे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक मजबूत स्तंभ थे और लंबे समय तक महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रहे। उनका जाना राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर गया है।
दुर्घटना की जांच शुरू
इधर, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी की एक टीम दिल्ली में विमान की ऑपरेटर कंपनी वीएसआर वेंचर्स के ऑफिस पहुंची है। दूसरी टीम बारामती रवाना पहुंच गई है। इस बीच वीाएसआर वेंचर्स ने कहा है कि पायलट को 16 हजार घंटे उड़ान का अनुभव था। विमान की को-पायलट के पास 1500 घंटे उड़ान का अनुभव था। कंपनी ने दावा किया कि एयरक्राफ्ट में कोई तकनीकी खामी नहीं थी। दिल्ली में कंपनी के ऑफिस में 4 घंटे तक रही ब्यूरो की टीम।
वायुसेना ने बारामती का एयर ट्रैफिक कंट्रोल संभाला
महाराष्ट्र सरकार की मांग पर भारतीय वायु सेना ने एयरफोर्स स्टेशन लोहेगांव से बारामती एयरपोर्ट के लिए एटीसी की एक टीम को रवाना कर दिया है। टीम ने लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर तुरंत इमरजेंसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवाएं, जिसमें कम्युनिकेशन और दूसरी इमरजेंसी सुविधाएं शुरू कर दी हैं ताकि सुरक्षित एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट में मदद मिल सके।
यह हादसा है, इसमें कोई साजिश नहीं: शरद पवार
अपने भतीजे अजित पवार के निधन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता शरद पवार की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ये पूरी तरह से हादसा है। इसमें कोई साजिश नहीं है। शरद पवार ने अपील की कि इस हादसे पर राजनीति न हो। उन्होंने कहा कि अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, जिसकी कोई भरपाई नहीं है।
शरद पवार ने कहा कि जो दुर्घटना हुई है वो बहुत ही दुखद है। एक मेहनती शख्स के जाने से महाराष्ट्र को नुकसान हुआ है। जो नुकसान हुआ है वो भरकर आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सभी चीजें अपने हाथ में नहीं हैं। मैं आज विनायकराव से मिला. कुछ दुष्ट शक्तियां इस अपघात (दुर्घटना) के पीछे कुछ राजनीति तो नहीं है, इस प्रकार की भूमिका जानबूझकर समाज में फैला रही हैं। इसमें राजनीति नहीं है। यह केवल एक दुर्घटना है। इसकी पीड़ा महाराष्ट्र को और हम सभी को बहुत है। कृपया करके इसमें राजनीति न लाएं, यही मेरी विनती है।
टीवी देख रही थीं अजित की मां, मौत की खबर न मिले इसलिए नौकरों ने केबल काटा
जिस वक्त हादसा हुआ, अजित पवार की मां आशा बारामती के फार्महाउस में टीवी देख रही थीं। फार्महाउस के मैनेजर संपत धायगुडे ने बताया कि आशा ताई ने पूछा- क्या दादा का एक्सीडेंट हो गया? बेटे की मौत की खबर मां को ना मिले इसलिए हम लोगों ने बंगले का टीवी केबल तुरंत काट दिया। उनका मोबाइल फोन भी फ्लाइट मोड पर डाल दिया।
