देवास कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
देवास, अग्निपथ। मध्यप्रदेश पटवारी संघ जिला देवास ने अनूपपुर जिले के पटवारियों की विभिन्न समस्याओं और वहां के प्रशासन की कथित हठधर्मिता को लेकर हुंकार भरी है। संघ ने प्रमुख सचिव (राजस्व विभाग) और माननीय सीएलआर (भू-संसाधन एवं प्रबंधन) के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर देवास को सौंपा है। ज्ञापन में अनूपपुर जिला प्रशासन पर पटवारियों के प्रति अनैतिक कार्रवाइयों और तानाशाही रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
संघ के जिलाध्यक्ष मोहन राठौर ने बताया कि अनूपपुर में अप्रैल 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक विभिन्न अवसरों पर पटवारियों का वेतन रोका गया। विशेष रूप से अप्रैल 2025 में तहसील जैतहरी के पटवारियों का वेतन रोका गया और उसके बाद जुलाई, अगस्त व सितंबर 2025 में भी महीने के अंतिम दिनों में वेतन स्थगित कर दिया गया। दीपावली और दशहरा जैसे प्रमुख त्यौहारों के दौरान भी वेतन भुगतान न होने से कर्मचारी परिवारों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ा है।
ताजा स्थिति यह है कि जनवरी 2026 का वेतन भी 30 जनवरी को आगामी आदेश तक के लिए रोक दिया गया है, जो अब तक अप्राप्त है। संघ ने इसे कर्मचारी अधिकारों का खुला हनन करार दिया है।
पटवारियों पर लगाया लाखों का जुर्माना, बिना नोटिस निलंबन से रोष
पटवारी संघ ने ज्ञापन में बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 38 पटवारियों पर कुल 2,64,625 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) थोप दिया गया है। संघ का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी आवेदक की अपील के की गई है। साथ ही, लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के तहत पटवारी समय-सीमा सेवा के लिए ‘पदाभिहित अधिकारी’ की श्रेणी में नहीं आते हैं, ऐसे में यह दंडात्मक कार्रवाई पूरी तरह विधि-विरुद्ध है।
प्रशासनिक सख्ती का आलम यह है कि इस अवधि में लगभग 30 पटवारियों को बिना किसी पूर्व सूचना के निलंबित कर दिया गया, जिनमें से 9 पटवारी अभी भी निलंबित हैं। संघ ने सभी की तत्काल बहाली की मांग की है। इसके अलावा, प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक बैठकें आयोजित करने और अवकाश के दिनों में भी कार्य का दबाव बनाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। इन बैठकों में महिला पटवारियों की उपस्थिति को लेकर भी संघ ने संवेदनशीलता बरतने की बात कही है।
25 फरवरी से सामूहिक अवकाश की चेतावनी, उग्र आंदोलन की तैयारी
अनूपपुर प्रशासन के रवैये के विरोध में पटवारी संघ ने अब चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो 25 एवं 26 फरवरी 2026 को प्रदेशभर के पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके साथ ही सभी जिला अध्यक्ष अनूपपुर कलेक्टोरेट का घेराव कर सकते हैं।
यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो 27 फरवरी 2026 से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अनूपपुर जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला सचिव अनिल सोलंकी, कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार जावरिया, अजय वर्मा (तहसील अध्यक्ष), पूर्व प्रांतीय संगठन मंत्री प्रदीप भंडारी सहित बड़ी संख्या में पटवारी उपस्थित थे।
