36 वर्षों की साधना को मिला विराम सुसनेर, अग्निपथ। जैन धर्म के महान संत समाधिस्थ मुनि भूतबलि सागर जी के शिष्य मुनि मौन सागर जी ने शनिवार की तडक़े त्रिमूर्ति मंदिर में अपनी संत साधना का अंतिम पड़ाव पूर्ण करते हुए सल्लेखना पूर्वक समता मरण प्राप्त किया। इसके साथ ही, […]
