अर्जुन सिंह चंदेल
बीते दिनों पड़ोसी शहर इंदौर में हुयी घटनाएँ मन को विचलित कर देने वाली है। इंदौर के एक विधायक पुत्र की नासमझी भरी हरकत से प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी में तनाव है। बताया जाता है कि विधायक पुत्र ने शीतलामाता बाजार के व्यवसायियों से उनके यहाँ कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों को बाहर करने का फरमान दे डाला। आश्चर्य तो तब हुआ जब विधायक पुत्र के फरमान का अनुसरण करते हुए वहाँ के कतिपय व्यापारियों ने 40 मुस्लिम कर्मचारियों को अपने संस्थानों से बेदखल कर दिया।
यह कोई साधारण घटना नहीं है राजनीति की यह छोटी सी चिंगारी भविष्य में क्या विकराल रूप ले सकती है इसकी कल्पना करना ही भयावह है। अखंड भारत और विश्व गुरू बनने की राह पर चलने वाला 140 करोड़ भारतवासियों का सपना क्या इस तरह की बचकानी और विघटनकारी मानसिकता से पूरा हो पायेगा? या फिर भारत को खंड-खंडे होते देखने का बीजारोपण किया जा रहा है।
शीतला माता बाजार के चंद व्यापारियों की तरह ही यदि मुस्लिम भी यह निर्णय ले ले कि हम भी हिंदुओं के कोई कार्य नहीं करेंगे फिर चाहे वह घर के एअर कंडीशनर सुधारने की हो या वाहन रिपेयरिंग या अन्य व्यवसाय की बात हो यदि देश इस राह पर चल पड़ा तो एक सच्चे भारतीय होने के दृष्टिकोण से जरा कल्पना करके तो देखिये क्या हाल होगा!
सिख की दुकान पर हिंदु धर्मावलंबी कार्य नहीं करेंगे, जैन की दुकान पर सिर्फ जैन ही कर्मचारी होंगे, हिंदुओं की दुकान पर ईसाई मत को मानने वाले काम नहीं करेंगे। भविष्य में ऐसे फरमानों के जारी होने की भी संभावनाएं बरकरार रखिये क्योंकि शुरुआत हुयी तो फिर कुछ भी हो सकता है।
प्यारे भारतवासियों समझने की कोशिश कीजिये इस हिंदुस्तान के पड़ोस में सभी दिशाओं में आग लगी हुयी है और जब पड़ोसी के घर आग लगती है तो अपने घर तक भी चिंगारी पहुँचने में देर नहीं लगती। जिसका सूत्रपात शायद लेह-लद्दाख से हो चुका है। मेहरबानी करके अपने वतन को सुरक्षित रखिये।
पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार सब में आग लगी हुयी है अस्थिरता का वातावरण है जो हमारे भारत के लिये किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। अमेरिका से बिगड़ते संबंध, चीन का लगातार हमारी धरती पर जबरन कब्जा हर राष्ट्रभक्त देशवासी के लिये चिंता का विषय होना चाहिये।
