नलखेड़ा, अग्निपथ। नगर में मंगलवार की सुबह पेट्रोल और डीजल के संकट की खबर ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के वैश्विक हालातों के चलते स्थानीय स्तर पर ईंधन खत्म होने की अफवाह ऐसी फैली कि लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते नगर के प्रमुख पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और स्थिति अनियंत्रित होने लगी।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कुल 8 पेट्रोल पंपों में से मंगलवार सुबह तक केवल 2 पंपों पर ही पेट्रोल उपलब्ध था। जैसे ही लोगों को पता चला कि अधिकांश पंप सूख चुके हैं, वे बचे हुए पंपों पर टूट पड़े। भीड़ का आलम यह था कि सड़क तक दुपहिया और चार पहिया वाहनों की कतारें पहुंच गईं। अफरा-तफरी के बीच लोग बोतलों और कैन में भी पेट्रोल भरने की कोशिश करते नजर आए।
शाम तक स्थिति हुई और भी विकट
मंगलवार शाम होते-होते स्थिति और भी गंभीर हो गई। बचे हुए 2 पंपों में से 1 पंप पूरी तरह खाली हो गया, जबकि दूसरे पंप के मालिकों ने आशंका जताई है कि उनके पास उपलब्ध स्टॉक केवल बुधवार दोपहर तक ही साथ दे पाएगा। यदि समय रहते आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो बुधवार शाम तक नगर के सभी पंप ‘ड्राई’ हो सकते हैं।
टैंकरों का इंतजार, मालिकों ने जताई अनिश्चितता
पंप संचालकों का कहना है कि उन्होंने डिपो से ईंधन के टैंकर मंगवाए हैं, लेकिन आपूर्ति कब तक पहुंचेगी, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। पंप मालिकों के अनुसार, “टैंकर भेजे तो गए हैं, लेकिन मार्ग में देरी या स्टॉक की कमी के कारण यह कहना मुश्किल है कि पेट्रोल और डीजल की नई खेप कब प्राप्त होगी।”
इराक-इजराइल संकट के कारण उपजी इस स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लोग डर रहे हैं कि यदि युद्ध लंबा खिंचा तो आने वाले दिनों में ईंधन की किल्लत और बढ़ सकती है। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।
