उज्जैन : कलेक्टर ने कम परिणाम वाले प्राचार्यों को दी चेतावनी दिसंबर तक सिलेबस पूरा करें

बोर्ड परीक्षा तैयारियों की समीक्षा

उज्जैन, अग्निपथ। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जिले के उ. मा. विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक ली। कलेक्टर ने पिछले वर्ष 50′ से कम परिणाम देने वाले स्कूलों के प्राचार्यों को चेतावनी दी और इस बार परिणाम सुधारने के सख्त निर्देश दिए।

उन्होंने ई-अटेंडेंस, नियमित शिक्षण, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान और दिसंबर तक सिलेबस पूरा करने को प्राथमिकता बताई। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष दसवीं और बारहवीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कराने के लिए हर स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएं।

शुक्रवार को शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि. के सभा कक्ष में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जिले के उ. मा. विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026 की आगामी दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को मजबूत करना था।

कम परिणाम वालों पर नाराजगी

कलेक्टर ने पिछले वर्ष 50′ से कम परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों से असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि इस बार परिणाम में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित प्राचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शत-प्रतिशत परिणाम लाने वाले स्कूलों की प्रशंसा की और टॉप टेन व बॉटम टेन स्कूलों की अलग-अलग समीक्षा भी की।

अटेंडेंस-शिक्षण व्यवस्था पर निर्देश

कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि प्राचार्य और शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रतिदिन नियमित रूप से दर्ज की जाए। सभी शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें और कक्षाओं में नियमित रूप से अध्यापन कार्य करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई विद्यार्थी नियमित स्कूल नहीं आ रहा है तो प्राचार्य कारण तलाशें और पंचायत सचिव व रोजगार सहायक के साथ समन्वय कर समाधान निकालें। अनियमित विद्यार्थियों के अभिभावकों से भी बात कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।

सिलेबस पूर्ण करने पर जोर

कलेक्टर ने कहा कि सभी विद्यालयों में दिसंबर माह तक पूरा सिलेबस पूरा करना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने जरूरत पडऩे पर एक्स्ट्रा क्लासेस लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्री बोर्ड परीक्षा को बोर्ड परीक्षा जितना ही महत्व दिया जाए और गुणवत्ता में कोई कमी न रहे।

पुराने प्रश्नपत्र हल करवाने के निर्देश

कलेक्टर ने प्राचार्यों को सलाह दी कि पिछले पांच वर्षों के अनसॉल्व्ड प्रश्नपत्र विद्यार्थियों से हल करवाए जाएं। इससे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार का बेहतर अभ्यास मिलेगा। शिक्षा विभाग द्वारा जारी मॉडल प्रश्न बैंक विद्यार्थियों को वितरित कर उन्हें नियमित रूप से हल करवाने के निर्देश भी दिए।

अलग से सत्र लेंगे कलेक्टर

कलेक्टर सिंह ने बताया कि वे आने वाले दिनों में दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस सत्र में छात्रों को उत्तर लिखने की तकनीक, हैंडराइटिंग, समय प्रबंधन और तीन घंटे का प्रश्नपत्र प्रभावी ढंग से हल करने के टिप्स दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देना सभी की जिम्मेदारी है और बोर्ड परीक्षा में किसी विद्यार्थी को नर्वस नहीं होने देना चाहिए।

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