उज्जैन, अग्निपथ। धर्मनगरी उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल क्षेत्र में भक्ति और आस्था के बीच एक बार फिर विवाद और गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। हरसिद्धि मंदिर के समीप हार-फूल और भक्ति भंडार की दुकान चलाने वाली एक लाचार महिला और उसकी मूक-बधिर बेटी को पड़ोसी दुकानदार द्वारा प्रताड़ित किए जाने की घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दबंगों ने न केवल महिला की दुकान का सामान सड़क पर फेंक दिया, बल्कि जान से मारने की धमकी देकर गल्ले में रखे हजारों रुपये भी पार कर दिए।
मूक-बधिर बेटी के भरण-पोषण का सहारा है यह दुकान
पीड़ित महिला राधा बाई ने बताया कि यह दुकान उनकी मूक-बधिर बेटी के पालन-पोषण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आवंटित की गई थी। इसी दुकान से होने वाली आय से उनके परिवार का गुजारा चलता है। लेकिन पिछले कुछ समय से क्षेत्र में सक्रिय ‘मोंटी’ नामक व्यक्ति उनकी दुकान पर बुरी नीयत रखे हुए है। आरोप है कि वह आए दिन महिला और उसकी बेटी को डराता-धमकाता है और दुकान खाली करने का दबाव बना रहा है।
गुंडागर्दी की हदें पार: सामान फेंका और छीने रुपये
घटनाक्रम के अनुसार, दो दिन पहले मोंटी अपने कुछ साथियों के साथ दुकान पर पहुँचा और उत्पाद मचाना शुरू कर दिया। दबंगों ने दुकान की पन्नी फाड़ दी और सारा सामान सड़क पर बिखेर दिया। राधा बाई का आरोप है कि मोंटी ने उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दुकान खाली नहीं की गई तो वह उन्हें जान से मार देगा। इस अफरा-तफरी के बीच आरोपियों ने दुकान के गल्ले में रखे 60 हजार रुपये भी निकाल लिए। जब आरोपी वहां से चले गए और राधा बाई ने गल्ला चेक किया, तो उसमें रखी नगदी गायब थी।
हफ्ता वसूली और कब्जे का प्रयास
पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी क्षेत्र में अपनी दबंगई चलाता है। वह महिला से दुकान छोड़ने या फिर काम जारी रखने के बदले ‘हफ्ता’ (अवैध वसूली) देने की मांग करता है। एक गरीब परिवार, जो पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहा है, उसके लिए इस तरह की प्रताड़ना असहनीय हो गई है।
न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंची महिला
स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के डर से और लगातार मिल रही धमकियों के बाद, राधा बाई ने महाकाल थाना पुलिस सहित एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। महाकाल जैसे अति सुरक्षित और वीआईपी क्षेत्र में इस तरह की घटना ने श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों के बीच असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है।
