मुख्यमंत्री ने किया हरियाखेड़ी जलावर्धन योजना सहित 1166 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण
उज्जैन, अग्निपथ। केंद्र सरकार द्वारा बजट में घोषित तीन अखिल भारतीय आयुर्वेदिक आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में से एक उज्जैन में स्थापित किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान नगर निगम, स्मार्ट सिटी और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 1166.61 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण भी किया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण 1133.67 करोड़ रुपए की लागत वाली हरियाखेड़ी जलावर्धन योजना का शिलान्यास भी शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौरव के साथ कहा कि उज्जैन के इतिहास में यह पहली बार है जब एक साथ 1000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की सौगात दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चा वादा, पक्का काम ही उनकी सरकार की असली पहचान है। भगवान महाकाल का आशीर्वाद है, इसलिए विकास कार्यों में कोई भी कंजूसी नहीं बरती जाएगी। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा अनुरूप उज्जैन में देश के तीन आयुर्वेद एम्स में से एक स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे, उसी प्रकार उज्जैन अब आयुर्वेद के क्षेत्र में विश्व पटल पर चमकेगा।
जल संकट से मुक्ति सिंहस्थ 2050 तक की पक्की तैयारी
हरियाखेड़ी जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन करते हुए मुख्यमंत्री ने उज्जैन की जनता को आश्वस्त किया कि अब शहर में पानी की कोई चिंता नहीं रहेगी। उन्होंने योजना को शहर की जीवनरेखा बताया।
योजना की विशालता: 1133.67 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के पूर्ण होने पर उज्जैन की जल क्षमता 450 एमएलडी हो जाएगी, जबकि प्रतिदिन की जरूरत 200 एमएलडी है।
भविष्य का विजन: इस प्रबंधन से न केवल 2028 का सिंहस्थ, बल्कि वर्ष 2050 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व में भी जल की कोई कमी नहीं होगी। इसके जरिए प्रतिदिन 2 करोड़ लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
शहरी ढांचा: शहर के भीतर 136 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 17 नई पानी की टंकियां बनाई जाएंगी, जिससे 50 हजार नए परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और अधोसंरचना विकास
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ मातृ एवं शिशु पोषण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत सिविल हॉस्पिटल जीवाजीगंज का 20 बिस्तर से 50 बिस्तर में उन्नयन (लागत 17.10 करोड़ रुपये) और भैरवगढ़ की सिविल डिस्पेंसरी को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने (लागत 1.60 करोड़ रुपये) का भूमि पूजन किया।
अवंतिका नगरी को महानगर बनाने के विजन पर चर्चा करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि शहर के चारों ओर 4-लेन और 6-लेन मार्गों का निर्माण किया जा रहा है। शिप्रा नदी पर यातायात को सुगम बनाने के लिए वीर दुर्गादास की छत्री से रणजीत हनुमान मंदिर तक पुल एवं मार्ग, श्री अंगारेश्वर मंदिर और सिद्धवट को जोडऩे हेतु पुल तथा भैरवगढ़ से पीपलीनाका के बीच समानांतर पुल जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
रोजगार, नवाचार और सांस्कृतिक गौरव
डॉ. मोहन यादव ने केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि रेडीमेड गारमेंट्स क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से 5000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं प्रोजेक्ट स्वाध्याय के तहत अवधेश शर्मा और अश्विनी ठाकुर जैसे प्रतिभावान विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर डिजिटल कौशल के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान 2.36 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम की 16 नई कचरा गाडिय़ों और 5 अन्य वाहनों का लोकार्पण कर सफाई मित्रों को वायरलेस सेट प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा ने मुख्यमंत्री की तुलना सम्राट विक्रमादित्य से करते हुए उन्हें विकास का भागीरथ बताया। महापौर मुकेश टटवाल और नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने भी उज्जैन के इस बदलते स्वरूप की सराहना की। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उज्जैन और अन्य धार्मिक नगरों में शराबबंदी का निर्णय पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, डॉ. प्रभुलाल जाटवा, पूर्व मंत्री पारस जैन, राजेंद्र भारती सहित सहित नगर निगम एमआईसी के सदस्य उपस्थित रहें।
आकाशवाणी टीम को विश्व रिकार्ड बनाने पर किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाशवाणी इंदौर की टीम को विश्व रिकार्ड बनाने पर सम्मानित किया। आकाशवाणी इंदौर की टीम ने भगवान श्री महाकालेश्वर की राजसी सवारी नगर भ्रमण पर निकलने के दौरान लगातार 5.40 घंटे सजीव आंखों देखा हाल प्रसारित किया था जो की नॉन स्पोर्ट्स श्रेणी के इवेंट में रेडियो द्वारा अब तब का सबसे लंबा प्रसारण है। आकाशवाणी के इस कार्य को विश्व रिकॉर्ड प्रदान करने वाली एक संस्था ‘वल्र्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड’ द्वारा दर्ज किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाशवाणी इंदौर और आकाशवाणी भोपाल की सहभागी टीम को पुरस्कार प्रदत्त किया।
