उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन के गरोठ रोड पर शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हिंसक रूप ले लिया। दिल्ली से श्रद्धालुओं को लेकर महाकाल दर्शन के लिए आ रही एक मिनी बस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बस पर पथराव कर उसमें आग लगा दी और हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
श्रद्धाुालुओं से भरी बस ने ट्रैक्टर को मारी टक्कर
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के श्रद्धालुओं को लेकर मिनी बस (DL 01 VC 5919) उज्जैन की ओर आ रही थी। तुलाहेड़ा टोल प्लाजा के समीप बस चालक ने आगे जा रही गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा और पलट गया। इस हादसे में ट्रैक्टर सवार 21 वर्षीय विजय सोलंकी ट्रॉली के नीचे दब गया। करीब एक घंटे तक चले बचाव कार्य के अभाव में युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे में बस चालक और यात्री भी घायल
इस भीषण भिड़ंत में ट्रैक्टर सवार राजेश शर्मा के अलावा बस चालक शिवकुमार (निवासी अमृतसर) और दिल्ली निवासी यात्री बॉबी व धर्मेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही सभी घायलों को तत्काल उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया गया। दो यात्रियों की हालत अत्यंत चिंताजनक होने के कारण उन्हें निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।
टोल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप, बस में लगाई आग
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद टोल प्लाजा से क्रेन बुलाई गई थी, लेकिन वह एक घंटे की देरी से पहुंची। क्रेन में ट्रैक्टर उठाने के लिए आवश्यक पट्टे और अन्य संसाधन भी मौजूद नहीं थे, जिसके कारण समय पर मदद नहीं मिली और विजय की जान चली गई। टोल प्रबंधन की इस लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने बस में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते बस धूं-धूं कर जलने लगी और उसमें रखा यात्रियों का सामान राख हो गया। गनीमत रही कि यात्री पहले ही बस से सुरक्षित उतर चुके थे।
तीन थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे और आगजनी की खबर मिलते ही राघवी थाना प्रभारी काजल सिंह, घटिया थाना प्रभारी करण खोवाल और पानबिहार चौकी प्रभारी जयंत डामोर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषी टोल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। घंटों की मशक्कत और समझाइश के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खोला और यातायात बहाल हो सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
