उज्जैन, अग्निपथ। जिले में शांति, सुरक्षा और सुदृढ़ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई इस कार्रवाई में जहां गंभीर अपराधों में लिप्त आरोपियों के लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं, वहीं जागरूक नागरिक भी आगे आकर अपने हथियार पुलिस को सौंप रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हथियारों के दुरुपयोग को रोकना और अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाना है।
आपराधिक रिकॉर्ड वाले लाइसेंस धारकों पर गाज
पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराध की दुनिया से जुड़े लोगों के पास हथियार रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इसी कड़ी में ग्राम चककमेड़ निवासी दुलीचंद मारू का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। दुलीचंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308-2 के तहत गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज पाया गया था। लाइसेंस निरस्त होने के बाद उनके पास मौजूद 12 बोर की बंदूक को संबंधित थाने में जमा करा लिया गया है।
बुजुर्गों और जागरूक नागरिकों ने पेश की मिसाल
एक ओर जहां अपराधियों से हथियार छीने जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिले के कुछ नागरिकों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वेच्छा से शस्त्र त्याग दिए हैं। बड़नगर निवासी हरिसिंह ने अपनी वृद्धावस्था का हवाला देते हुए अपनी बंदूक स्थायी रूप से पुलिस के पास जमा करवाई है। इसी तरह बमनापाती निवासी 81 वर्षीय हरिसिंह ने भी बढ़ती उम्र के कारण अपनी एमएल गन का लाइसेंस निरस्त करवाकर हथियार जमा कर दिया है।
एक अन्य सराहनीय उदाहरण नागदा के बैंक प्रबंधक विनोद पिता शिवाजी जाधव ने पेश किया है। उन्होंने पुलिस की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए और शस्त्र का उपयोग न होने के कारण अपनी 12 बोर की बंदूक का लाइसेंस स्वेच्छा से निरस्त करवाकर उसे जमा कर दिया है।
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पुलिस की अपील: नियमों का करें पालन
उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन पुलिस ने जिले के समस्त शस्त्र लाइसेंस धारकों से अपील की है कि वे हथियारों के रखरखाव और लाइसेंस नवीनीकरण (रिन्यूअल) संबंधी सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी लाइसेंस धारक की संलिप्तता संदिग्ध गतिविधियों में पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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