उज्जैन बनेगा ऑटोमोबाइल हब: विक्रम उद्योगपुरी में आयशर-वोल्वो का बड़ा निवेश

1000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

उज्जैन, अग्निपथ। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विख्यात उज्जैन अब देश के नक्शे पर एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। स्वीडन की विश्वस्तरीय ऑटोमोबाइल कंपनी वोल्वो ग्रुप और भारत की आयशर मोटर्स के संयुक्त उद्यम, वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (वीईसीवी), जिले में एक और बड़ा औद्योगिक निवेश करने जा रही है। कंपनी को अपनी यूनिट के विस्तार के लिए विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 70 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।

यहां लगभग 580 करोड़ रुपये के निवेश से एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिसके बाद उज्जैन की धरती पर वोल्वो की बसों और ट्रकों का निर्माण होने लगेगा।

यह निवेश ‘मेक इन मध्य प्रदेश, मेक फॉर इंडिया’ के विजन को मजबूती प्रदान करते हुए उज्जैन को उभरते औद्योगिक शहर के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इस परियोजना के जमीन पर उतरते ही जिले के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

निर्माण इकाई से विकास को मिलेगी नई गति

विक्रम उद्योगपुरी में स्थापित होने वाले इस नए प्लांट में मुख्य रूप से गियर, एक्सल असेंबली, ट्रांसमिशन और अन्य महत्वपूर्ण ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। कंपनी का प्राथमिक उद्देश्य अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना और देश में तेजी से बढ़ती कमर्शियल वाहनों की मांग को समय पर पूरा करना है। अत्याधुनिक मशीनों और रोबोटिक तकनीक से लैस यह प्लांट न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय बाजार में वोल्वो और आयशर की पकड़ को और मजबूत करेगा।

रोजगार के खुलेंगे द्वार, थमेगा पलायन

इस वृहद परियोजना से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों के विकास को पंख लगेंगे। आंकड़ों के अनुसार, इस नए प्लांट से करीब 1000 लोगों को सीधे तौर पर (Direct Employment) रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, इस निवेश से उज्जैन और आसपास के जिलों में हजारों लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार (Indirect Employment) के अवसर भी पैदा होंगे।

ऑटो पार्ट्स सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग, मशीन मेंटेनेंस, सुरक्षा और कैंटीन जैसी सहायक सेवाओं में स्थानीय युवाओं और छोटे उद्यमियों को बड़े पैमाने पर काम मिलने की संभावना है।

जानकारों का मानना है कि इससे विक्रम उद्योगपुरी के आसपास छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) की एक नई सप्लाई चेन विकसित होगी। लंबे समय से रोजगार की तलाश में इंदौर या पीथमपुर जैसे शहरों की ओर रुख करने वाले स्थानीय युवाओं के लिए अब अपने ही शहर में बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे युवाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाला पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

फेज-1 में तेजी से चल रहा है काम

उल्लेखनीय है कि वीई कमर्शियल व्हीकल्स को इससे पहले वर्ष 2025 में विक्रम उद्योगपुरी के फेज-1 में 30 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। वहां करीब 450 करोड़ रुपये के निवेश से फैक्ट्री का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस यूनिट में लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, फेज-1 की फैक्ट्री में अगले छह महीनों के भीतर उत्पादन शुरू होने की पूरी संभावना है। यहां आयशर ब्रांड के ट्रकों और बसों का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों चरणों के पूरा होने के बाद उज्जैन क्षेत्र में ऑटोमोबाइल उत्पादन की एक विशाल औद्योगिक श्रृंखला (Industrial Chain) तैयार हो जाएगी।

488 हेक्टेयर में विकसित होगा फेज-2

एमपीआईडीसी (MPIDC) उज्जैन द्वारा विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 को करीब 488 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसमें से 382 हेक्टेयर भूमि विशेष रूप से औद्योगिक इकाइयों के लिए आरक्षित रखी गई है। यहां सैकड़ों इंडस्ट्रियल प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं, जो देश-विदेश की बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित कर रहे हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रशासन करीब 455 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।

समग्र विकास योजना के तहत यहां चौड़ी सड़कें, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पानी की व्यवस्था, ड्रेनेज, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और आधुनिक लॉजिस्टिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उज्जैन में पिछले कुछ वर्षों में सड़क कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक नेटवर्क में हुए सुधार के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यही कारण है कि फेज-2 के पूरी तरह शुरू होने से पहले ही कई बड़ी कंपनियों ने अपने निवेश प्रस्ताव सरकार के सामने रख दिए हैं। आने वाले समय में उज्जैन न केवल आस्था का केंद्र बल्कि मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास का इंजन बनकर उभरेगा।

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