उज्जैन में घर बनाना होगा महंगा: 1 अप्रैल से लागू होगी नई कलेक्टर गाइडलाइन

प्रॉपर्टी की दरों में 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित

उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए आने वाला समय जेब पर भारी पड़ने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू होने जा रही है। जिला पंजीयन विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की 75 से अधिक लोकेशन पर प्रॉपर्टी की गाइडलाइन दरों में 100 से लेकर 150 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। ऐसे में जो लोग वर्तमान दरों का लाभ लेना चाहते हैं, उनके लिए मार्च का महीना रजिस्ट्री करवाने का आखिरी मौका है।

नए वित्तीय वर्ष से प्रॉपर्टी खरीदना काफी महंगा हो जाएगा। जिला पंजीयन विभाग ने करीब 75 ऐसी लोकेशन चिन्हित की हैं, जहां जमीन और संपत्तियों की कीमतों में बड़ा इजाफा किया जा रहा है। इस संबंध में उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक हाल ही में संपन्न हुई है, जिसमें नई दरों को लेकर सहमति बन गई है। अब इस प्रस्ताव को जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखा जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों को युक्ति-युक्त बनाया जा रहा है, वहीं हाईवे से सटे क्षेत्रों की जमीनों की कीमतों में सर्वाधिक वृद्धि का प्रस्ताव है। इसके साथ ही ‘प्लानिंग एरिया’ का दायरा भी बढ़ाया गया है, जिसमें चिंतामण और मंगरोला क्षेत्र को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इन इलाकों में कई नए आवासीय प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं और कुछ पर निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।

मार्च में रजिस्ट्री कराने पर होगी बचत

वरिष्ठ जिला पंजीयक ऋतंभरा द्विवेदी ने बताया कि मूल्यांकन समितियों की बैठकें हो चुकी हैं और प्राप्त प्रस्तावों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जा रहा है। शहर में हो रहे विकास कार्य, नए सड़क मार्ग, औद्योगिक गतिविधियां और प्रस्तावित एयरपोर्ट जैसी बड़ी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए दरों में संशोधन किया जा रहा है।

जिला मूल्यांकन समिति की बैठक के बाद इन प्रस्तावों को आम जनता के लिए आपत्तियों हेतु सार्वजनिक किया जाएगा। इसके पश्चात अंतिम प्रस्ताव केंद्रीय जिला मूल्यांकन समिति भोपाल भेजा जाएगा और वहां से हरी झंडी मिलते ही 1 अप्रैल 2026 से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।

इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

इस बार पंजीयन विभाग ने प्लानिंग एरिया का विस्तार करते हुए चिंतामण और मंगरोला जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को नई गाइडलाइन में प्रमुखता से जोड़ा है। हाईवे की लोकेशन वाली जमीनों की दरें भी काफी बढ़ेंगी। विभाग का कहना है कि यदि लोग मार्च माह में ही अपने दस्तावेजों का पंजीयन करवा लेते हैं, तो वे पुरानी दरों पर रजिस्ट्री करा सकेंगे, जिससे उन्हें हजारों रुपये की बचत होगी।

कॉलोनाइजर 15 मार्च तक जमा करें दस्तावेज

वरिष्ठ जिला पंजीयक ने सूचित किया है कि अचल संपत्ति की दरों के निर्धारण हेतु वर्ष 2026-27 की गाइडलाइन का कार्य प्रगति पर है। ऐसे में जिन कॉलोनाइजरों या बिल्डरों को अपनी नई कॉलोनी का नाम गाइडलाइन में जुड़वाना है, वे कॉलोनी की स्वीकृति से संबंधित समस्त दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन रविवार, 15 मार्च 2026 तक जिला पंजीयक या संबंधित उप पंजीयक कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं।