लखनऊ के 7 जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज
उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन शहर में मेडिकल और नर्सिंग होम व्यवसाय शुरू करने का झांसा देकर लखनऊ की एक कंपनी के सात संचालकों द्वारा पिता-पुत्र से 40 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने लखनऊ के 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
योजनाबद्ध तरीके से 2024 से शुरू हुआ खेल
यह पूरी वारदात बेहद योजनाबद्ध तरीके से वर्ष 2024 में शुरू हुई थी। कीर्ति नगर, नानाखेड़ा निवासी गणपत बामनिया ने अपने बेटे लव के लिए नर्सिंग होम शुरू करवाने के उद्देश्य से लखनऊ की कंपनी ‘तस्कर ग्लोबल प्रा.लि.’ से संपर्क किया था। इस कंपनी ने ऑनलाइन विज्ञापन के माध्यम से दावा किया था कि वे नर्सिंग होम शुरू करने के लिए लाइसेंस, मशीनरी और मेडिकल से जुड़ी सभी प्रकार की सहायता और संसाधन उपलब्ध कराते हैं।
फोन पर हुई चर्चा के बाद 20 नवंबर 2024 को लखनऊ से कंपनी के डायरेक्टर सौरभ मिश्रा, फाउंडर विकास पाल, सेल्स मैनेजर सूर्यकांत मिश्रा, सीईओ प्रसून पाल और सहयोगी उत्कर्ष कश्यप उज्जैन आए। यहां उन्होंने गणपत और लव बामनिया से फाइनल मीटिंग की और अनुबंध (एग्रीमेंट) के नाम पर 40 लाख रुपये प्राप्त किए। उस वक्त आरोपियों ने 4.72 लाख रुपये का एक चेक भी प्राप्त किया था।
झांसा देने के लिए भेजीं मामूली मशीनें
वर्ष 2025 में पीड़ितों ने नानाखेड़ा क्षेत्र में नर्सिंग होम के लिए 5 लाख रुपये से अधिक खर्च कर किराए पर जगह भी ली। विश्वास जीतने के लिए कंपनी की ओर से कुछ दवाइयां और बीपी-शुगर जांचने की मामूली मशीनें भेजी गईं। पिछले दिनों कंपनी ने अंकित सेन नामक व्यक्ति का नंबर भेजकर 5 लाख रुपये और मांगे और कहा कि इसके बाद ही बाकी सामान और दवाइयां दी जाएंगी। जब पीड़ितों ने और रुपये देने से इनकार किया, तो कंपनी के सभी लोगों ने अपने फोन बंद कर लिए और संपर्क खत्म कर दिया।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
ठगी का एहसास होने पर सोमवार शाम लव अपने पिता गणपत बामनिया के साथ नानाखेड़ा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी विकास पाल, सौरभ मिश्रा, सूर्यकांत मिश्रा, प्रसून पाल, उत्कर्ष कश्यप, दिनेश और अंकित सेन के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के अनुसार, पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के साथ मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
