उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन के पीपलीनाका क्षेत्र में गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए नपती करने पहुंची टीम के सामने ही दो राजनीतिक गुट आपस में भिड़ गए। यह विवाद कांग्रेस नेता अशोक भाटी और भाजपा पार्षद गब्बर भाटी के बीच शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प और पथराव में तब्दील हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
नपती के दौरान आमने-सामने आए दो पक्ष
यह पूरी घटना पीपलीनाका चौराहे से जूना सोमवारिया चौराहे तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान हुई। उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर सेंट्रल लाइन की नपती करने पहुंची थी। इसी दौरान नपती के तरीके और दिशा को लेकर कांग्रेस नेता अशोक भाटी ने आपत्ति दर्ज कराई। वहीं, दूसरी ओर भाजपा पार्षद गब्बर भाटी नपती को लेकर अलग तर्क दे रहे थे। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई बहस ने जल्द ही उग्र रूप ले लिया और मौके पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
महिलाओं ने किया पथराव, एक युवक घायल
विवाद के दौरान केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की महिलाएं भी आमने-सामने आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर एक पक्ष की महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में दूसरे पक्ष के एक युवक का सिर फट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जवाब में दूसरे पक्ष की ओर से भी मारपीट की गई। हंगामे और हिंसा को बढ़ता देख नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी काम बीच में ही छोड़कर वहां से निकल गए।
नाला से नाला नपती पर अड़े पार्षद गब्बर भाटी
भाजपा पार्षद गब्बर भाटी ने नगर निगम और प्राधिकरण के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में तय हुआ था कि नपती ‘नाला से नाला’ की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक भाटी जानबूझकर उनके घर के सामने से नपती करने का दबाव बना रहे थे। गब्बर भाटी का कहना है कि उन्होंने केवल नियमों के अनुसार नपती करने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने मारपीट की घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि दोनों ओर से जमकर विवाद हुआ है।
पुराने विवाद ने पकड़ी तूल
जीवाजीगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण की नपती ने इस विवाद में घी डालने का काम किया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों पक्ष एक-दूसरे से उलझते रहे। अंततः पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और दोनों पक्षों को अलग-अलग किया।
समाज का दबाव या सुलह की कोशिश?
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी झड़प, पथराव और घायल होने के बावजूद किसी भी पक्ष ने अब तक जीवाजीगंज थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि मामला माली समाज से जुड़ा होने के कारण आपसी सहमति या सामाजिक दबाव में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी और नेता प्रतिपक्ष रवि राय भी मौके पर पहुंच गए थे और मामले को शांत करने का प्रयास किया।
प्रशासन की सख्त निगरानी
घटना के बाद से ही पीपलीनाका और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और यदि कोई भी पक्ष कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सड़क चौड़ीकरण का काम रुक गया है और अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठों से चर्चा के बाद ही नपती की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
