उज्जैन, अग्निपथ। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर अब डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को संभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपेंद्र जैन को उज्जैन संभाग का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह कदम प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारियों के मद्देनजर उठाया गया है ताकि किसी भी संभावित विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति से मजबूती से निपटा जा सके।
उज्जैन में वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी
उज्जैन संभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब डीजी उपेंद्र जैन सीधे तौर पर यहाँ की कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यों की समीक्षा करेंगे। वर्तमान में रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के कार्यों के ऊपर अब इन वरिष्ठ अधिकारियों की सुपरविजन और मॉनिटरिंग रहेगी। सरकार का मानना है कि उज्जैन जैसे धार्मिक और संवदेनशील संभाग में यूसीसी लागू होने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना अनिवार्य है। वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति से मैदानी पुलिसिंग को नई दिशा मिलेगी और बड़े फैसलों में त्वरित गति आएगी।
यूसीसी को लेकर सरकार की विशेष तैयारी
कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने यूसीसी को लेकर गृह विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। शासन को अंदेशा है कि इस कानून के लागू होने पर कुछ वर्गों की ओर से विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं, जिसका सीधा असर कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 8 अप्रैल को जारी आदेश में संभागवार प्रभारियों की घोषणा की गई है। उज्जैन के साथ-साथ वरुण कपूर को भोपाल और पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का जिम्मा दिया गया है। अन्य संभागों में भी इसी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है।
प्रशासन और पुलिसिंग में आएगा कसावट
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की यह संयुक्त निगरानी व्यवस्था प्रदेश के सभी 10 संभागों में प्रभावी होगी। उज्जैन में डॉ. राजेश राजौरा को एसीएस स्तर पर प्रभारी बनाया गया है, वहीं पुलिस विभाग से उपेंद्र जैन सुरक्षा की कमान संभालेंगे। इससे प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। गृह विभाग का यह कदम आने वाले समय में प्रदेश की शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
