खुद को अर्धविक्षिप्त बताकर मूक बनने का नाटक किया
उज्जैन, अग्निपथ। आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) एसपी के आवास में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एक युवती 7 फीट ऊंचा दरवाजा कूदकर भीतर घुस गई। इस युवती ने दीवार पर टंगी कार की चाबी उठाई और खुद को कार में लॉक कर लिया। पकड़े जाने के बाद वह काफी देर तक मूक होने का नाटक करती रही, बाद में जब सख्ती हुई तो खुद को छत्तीसगढ़ की निवासी बता दिया। युवती को माधवनगर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। महिला थाने में उससे पूछताछ की जा रही है।
घटनाक्रम बुधवार सुबह करीब 5 बजे का बताया जा रहा है। विक्रमनगर रोड मैन रोड पर अलकापुरी के सामने ईओडब्ल्यू का ऑफिस है। ऑफिस से सटा ईओडबल्यू एसपी समर वर्मा का सरकारी आवास है। इस बंगले के बाहर गार्ड तैनात रहता है लेकिन सुबह वह भी अपने कमरे में सोने चला गया था। सुबह एकाएक बंगले के परिसर में खड़ी कार का हार्न बजा तो गार्ड और एसपी कार के पास पहुंचे। इसमें बदहवास हालत में एक युवती बैठी थी, उसने खुद को भीतर से लॉक कर रखा था।
युवती को किसी तरह कार से बाहर निकाला गया। काफी देर तक वह मूक होने का नाटक करती रही। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने खुद को छत्तीसगढ़ का निवासी होना बताया। सम्भवत: वह शराब के नशे में भी थी । कभी वह कहती रही कि मैं एक युवक के साथ यहां तक आई थी तो कभी कहने लगी कि मैं सड? से जा रही थी। बंगला दिखा तो यहां आ गई। माधव नगर थाने से पुलिसकर्मियों को बुलाकर युवती को उनके सुपुर्द किया गया।
एसपी समर वर्मा ने बताया कि युवती विक्षिप्त तो कतई नहीं है। यदि वह वाकई विक्षिप्त होती तो मूक होने का नाटक नहीं करती। उन्होंने बताया कि सुबह के वक्त गार्ड भी अपने कमरे में था और ड्राइवर ने भी चाबी बंगले की दीवार पर ही टांग रखी थी, इसी वजह से यह युवती कार तक पहुंच सकी। यह आश्चर्य है कि कोई युवती बंगले का 7 फीट ऊंचा गेट कूदकर भीतर क्यों और कैसे आई? माधवनगर थाना प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि युवती से महिला थाने में पूछताछ की जा रही है। फिलहाल ऐसा कुछ पता नहीं चला है जो संदिग्ध हो। युवती हिरासत में है।
इधर बिहार का अद्र्धविक्षिप्त व्यापारी के घर में घुसा, तीन मंजिल से खम्भे पर जा लटका
माधवनगर थाना क्षेत्र के ही फ्रीगंज में रहने वाले अतुल मलिक नामक व्यापारी के घर में कल शाम 7 बजे एक युवक घुस गया और तीसरी मंजिल से खम्भे पर लटककर जमकर हंगामा किया। मलिक ने तत्काल फोन पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस पहुंची और बड़ी मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा। पुलिस काफी देर तक उससे पूछताछ कर कारण जानने का प्रयास करती रही। बड़ी मुश्किल से उसने एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने उस पर कॉल किया तो पता चला कि मोबाइल नंबर उसकी मां का है।
मां ने फोन पर बात की और उसका नाम कुंदन बताया। परिजनों ने स्पष्ट किया कि वह मानसिक रोगी है और बिहार के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने परिजनों को उपचार से संबंधित दस्तावेज लेकर परिजनों को बुलाया है। गुरुवार सुबह तक परिजन उज्जैन पहुंचेंगे। इसके बाद पुलिस युवक को उनके सुपुर्द कर देगी।
