ऑपरेशन सिंदूर को विवि मैदान में याद करते बनाई वाटिका

धर्म व संस्कृति के साथ विद्यार्थियों को जंगल व पक्षियों पर अध्ययन करने के लिए होंगे खास इंतजाम

उज्जैन, अग्निपथ। यूनिवर्सिटी मैदान पर धर्म संस्कृति और पर्यावरण का संदेश देने अनूठा वन तैयार हो गया है। 12 हेक्टेयर के परिसर में वन विभाग ने 30 हजार पौधों का नया जंगल बना दिया। जो आने वाले दिनों में घना हो जाएगा। यह प्रदेश का ऐसा पहला वन होगा, जो पर्यावरण के साथ धर्म व संस्कृति का परिचय देगा।

महाकाल की महिमा, राजा विक्रमादित्य, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा से लेकर कालिदास व महर्षि सांदीपनि तक का वृतांत बताएगा। वन में साइंस के स्टूडेंट को रिसर्च करने के लिए कई सुविधाएं होगी। यहां पिछले करीब 3-4 सालों से काम चल रहा था। भगवान महाकाल और धर्म संस्कृति की थीम पर तैयार हुए इस वन में पौधारोपण का काम पूरा हो गया। इसी बीच ऑपरेशन सिंदूर की याद ताजा रखने के लिए वन विभाग ने यहां सिंदूर वाटिका बनाई है।

मैदान को वन क्षेत्र के रूप में तैयार करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब सिर्फ इसे आकर्षक बनाने के लिए ही छोटे-मोटे काम होना बाकी है। जो करीब एक से डेढ़ माह में पूरे हो जाएंगे। इसके बाद फरवरी या मार्च में इस विशेष वन को आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। यहां आने वाले लोगों को पर्यावरण के साथ अध्यात्म से जोडऩे के लिए योग केंद्र और अवंतिका नगरी का इतिहास बताने के लिए राजा विक्रमादित्य की सिंहासन बत्तीसी का वृतांत भी देखने को मिलेगा।

इस वन को इस तरह तैयार किया है कि उज्जैन आनेवाले लोगों को यहां की संस्कृति से लेकर गौरव गाथा और इतिहास से लेकर धार्मिक महत्व के विषयों तक सबकुछ एक ही जगह पर देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

156 प्रजाति के पौधे लगाए, जंगल सा आभास होगा

वन विभाग द्वारा तैयार वन में 156 प्रजाति के पौधे लगाए हैं। इसके लिए अलग-अलग पौधों की वाटिकाएं बनाई है। कालिदास वन, शांति वन, जैव विविधता वन, नवग्रह वाटिका, सिंदूर वाटिका, रुद्राक्ष वाटिका, चरक वाटिका नाम देकर अलग-अलग वाटिकाओं में पौधे लगाए हैं। इनमें आयुर्वेद वाले पौधे भी शामिल हैं। यहां नीम, बरगद, सिंदूर, करंज, बेल, पाम, चंदन, बादाम, कदम आदि भी हैं।

श्रीकृष्ण की 64 कला, योगा सेंटर की भी सुविधा

वन विभाग के रेंजर जीवन पोलाया ने बताया महाकाल संस्कृति वन के मुख्य गेट से भगवान महाकाल की महिमा देखने को मिलेगी। इसके लिए गेट के ऊपर बड़ा त्रिशूल खड़ा कर दिया गया। रेंजर पोलाया ने कहा कि वन क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में सिखी 64 कला, योगा सेंटर के साथ व्हील चेयर और ग्रीन शेड का निर्माण भी होगा।

वन तैयार, आकर्षक करने व इनोवेशन पर काम बाकी

महाकाल संस्कृति वन में घूमने के बाद लोग धर्म व उज्जैन की संस्कृति के साथ यहां की पौराणिकता को समझ सकेंगे। वन तैयार है। इसे आकर्षक करने और इनोवेशन का काम बाकी है।
अनुराग तिवारी, डीएफओ

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