कर्नल सोफिया अपमान मामला: सुप्रीम कोर्ट की मप्र के मंत्री शाह को फटकार

माफी मांगने में हुई देर, सरकार 2 हफ्ते में बताए केस कब शुरू होगा

भोपाल। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शाह की ऑनलाइन माफी पर सोमवार को कोर्ट ने कहा कि इसमें अब बहुत देर हो गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर 2 हफ्ते के भीतर फैसला लें।

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है।

हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी ऑनलाइन माफी पर असंतोष जताया।

बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा।

राज्य को कानून के अनुसार कदम उठाने के निर्देश

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें बताया गया है कि मामला यहां लंबित होने के कारण राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। हम मध्य प्रदेश राज्य को निर्देश देते हैं कि वह कानून के अनुसार अभियोजन की मंजूरी के लिए उचित कदम उठाए।” इससे पहले राज्य सरकार ने दलील दी थी कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण उसने एसआईटी के अनुरोध पर कोई फैसला नहीं लिया।

मंत्री शाह ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

बता दें कि मंत्री विजय शाह ने 11 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान

11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था कि उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा। शाह ने आगे कहा था कि अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।