कुबेरेश्वर धाम में होगा अध्यात्म का महासंगम: 17 फरवरी को एक मंच पर दिखेंगे पंडित प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

सीहोर, अग्निपथ। जिला मुख्यालय स्थित सुप्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम आगामी 17 फरवरी को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक गौरव का साक्षी बनने जा रहा है। विट्ठलेश सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले भव्य ‘रुद्राक्ष महोत्सव’ के अवसर पर सनातन धर्म के दो प्रखर ध्वजवाहक, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का गरिमामयी महामिलन होगा।

दो महान विभूतियों का ऐतिहासिक मिलन

विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का एक ही मंच पर उपस्थित होना सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक बनेगा। समिति के सदस्यों ने बागेश्वर धाम पहुंचकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट की, जिस पर उन्होंने इस भव्य महोत्सव में शामिल होने की अपनी स्वीकृति प्रदान की है।

रुद्राक्ष महोत्सव का दिव्य स्वरूप और तैयारियां

इस वर्ष महोत्सव का स्वरूप अत्यंत भव्य होगा, जिसके लिए 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट का विशाल पंडाल तैयार किया गया है। साथ ही 10 एकड़ क्षेत्र में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान लाखों रुद्राक्षों से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसका नियमित रूप से अभिषेक होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु सामूहिक शिव आराधना और सत्संग का लाभ लेंगे।

रुद्राक्ष वितरण नहीं, केवल भक्ति पर रहेगा केंद्रित

समिति ने स्पष्ट किया है कि इस महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा। पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना, शिव महापुराण और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सहभागी बनने की अपील की है।

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