उज्जैन। उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने बुधवार को देवास रोड़ स्थित होटल श्रीगंगा में केंद्रीय बजट-2026 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के संकल्प को सशक्त आधार प्रदान करने वाला बजट है, जो समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूती देता है। उन्होंने सिंहस्थ में आई जनता को भगवान महाकाल के तीन घंटे में दर्शन करवाने की बात भी कही।
केंद्रीय बजट 2026 में गरीब कल्याण, कृषि विकास, रोजगार सृजन और कौशल उन्नयन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक तकनीक से जोडऩे, सिंचाई, भंडारण और ग्रामीण अधोसंरचना को सशक्त करने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए यह बजट अवसरों का बजट है। स्टार्टअप, नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के द्वार खोले गए हैं। साथ ही कौशल विकास और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देकर युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में मजबूत कदम उठाया गया है। वही महिलाओं के सशक्तिकरण की दृष्टि से भी यह बजट अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यम वर्ग के लिए यह बजट राहत और विश्वास लेकर आया है। जीवन यापन को सरल बनाने, बचत और निवेश को प्रोत्साहित करने तथा कर प्रणाली को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बजट में सकारात्मक संकेत दिए गए हैं।
अध्धेसंवना विकास-जैसे सडक़, रेल, ऊर्जा, आवास और शहरी विकास-इस बजट का एक मजबूत स्तंभ है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रखा है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। जिसका उद्देश्य देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार बढ़ाना है। वित्तीय अनुशासन के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है जिससे आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी की नवीन योजनाएँ
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया गया है, जैसे मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी आदि हैं। इसी प्रकार 20 और नए राष्ट्रीय जलमार्ग कार्यान्वित किए जाएंगे। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। केरल, तमिलनाड़ एवं उडिसा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया जायेगा। बायोफार्मा शक्ति जैसे कार्यक्रमों के लिए 10,000 करोड़ रूपये का प्रावधान बजट किया गया है जिससे बायोफार्मा एवं स्वास्थ्य-तकनीक को विस्तार मिलेगा।
विदेश यात्रा, शिक्षा, चिकित्सा खर्च इत्यादि पर टीसीएस दरों को 2′ तक कम किया गया है टैक्स राहत स्थिर रखी गई है। आयकर रिटर्न में गड़बड़ी पर अब सजा नहीं केवल शुल्क वसूला जायेगा।
पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बायो गैस मिश्रित सीएनजी, सोलर पॉवर से जुड़े कम्पोनेट एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल में काम आने वाली लीथियम आयन बैटरी के कम्पोनेट में आयात शुल्क कम किया गया है।
जीवन रक्षक दवाओं के कस्टम ड्यूटी में छूट
स्वास्थ्य के क्षेत्र में जीवन रक्षक दवाओं में 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर कस्टम शुल्क में छूट प्रदान कर राहत दी गई है, जिससे दवाएँ सस्ती होंगी। स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान, क्लिनिकल परीक्षण हब को विस्तारित किया जाएगा। तीन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा की स्थापना की जायेगी।
पत्रकार वार्ता में भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, प्रभुलाल जाटवा, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी सचिन सक्सेना, जिला मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा, राकेश पंड्या, आनन्दसिंह खींची, कमल बैरवा मंचासिन रहे ।
सिंहस्थ में दर्शन व्यवस्था अच्छी रहेगी- मंत्री टेटवाल
उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने बताया कि केंद्र और मध्य प्रदेश शासन मिलकर कुम्भ मेले के हर काम को गुणवत्ता पूर्ण और समय पर पूरा करेंगे। अभी 40 हजार करोड़ के कार्य चल रहे है। कार्य पूरे होने के बाद दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालु कुम्भ में सरल सुलभ शिप्रा नदी में डुबकी लगा सकेंगे। सिंहस्थ में जो डुबकी लगाने आएंगे भक्त उनको शहर में चौड़ी सडक़ से लाभ मिलेगा। उस दौरान 3 घंटे में बाबा महाकाल के दर्शन मिल सकेंगे ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हंै। केंद्र ने धर्मस्व विभाग के लिए 5 हजार करोड़ दिया है। हर क्षेत्र में उज्जैन का विकास हो रहा है।
