झारड़ा, अग्निपथ। ग्राम पंचायत झारड़ा के अधीन गौशाला के समीप शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला अब हिंसक रूप ले चुका है। अतिक्रमण मुक्त अभियान की रंजिश को लेकर सरपंच प्रतिनिधि पर आरोपियों ने लाठियों और चप्पलों से हमला कर दिया।
थाना झारड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरपंच प्रतिनिधि नागुलाल मालवीय ने थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई और मामला दर्ज करवाया। घटना का मुख्य कारण गौशाला के सामने स्थित शासकीय भूमि पर किया गया अवैध कब्जा है। बताया गया है कि प्रमोद, भागीरथ, राहुल और उनके परिवार द्वारा किए गए इस अतिक्रमण को बीते 2 अप्रैल 2026 को तहसीलदार द्वारा हटवाया गया था। इसी बात से आक्रोशित होकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
पीड़ित नागुलाल मालवीय ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे जब वह गौशाला के सामने खड़े थे, तभी प्रमोद पिता भागीरथ, शांतीबाई और पूजा हाथ में लकड़ी लेकर आए और अश्लील गालियां देने लगे। विरोध करने पर प्रमोद ने उन्हें थप्पड़ मारकर नीचे गिरा दिया, जबकि शांतीबाई और पूजा ने लकड़ी से वार किए। हमले में नागुलाल की कनपटी, कंधे और पैर के टखने में गंभीर चोटें आई हैं।
इसी बीच भागीरथ पिता मांगीलाल, राहुल और सजनबाई भी वहां पहुँच गए। भागीरथ ने दूर से ही ललकारते हुए जान से मारने के लिए उकसाया, जिसके बाद राहुल ने लात-घूसों से मारपीट की और सजनबाई ने चप्पल मारी। शोर सुनकर गौशाला कर्मचारी ओमप्रकाश, अंबाराम और बहादुरसिंह सहित अन्य लोग बचाव के लिए दौड़े। प्रत्यक्षदर्शियों को देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उनका मेडिकल करवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
