सुरक्षा एजेंसी पर लगाया भारी जुर्माना
उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन जिले के सबसे बड़े चरक अस्पताल में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्टर रोशन कुमार सिंह अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को देखकर कलेक्टर ने अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान ड्यूटी रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए 4 डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक पाए जाने पर संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
चरक अस्पताल भवन में लगातार मिल रही अव्यवस्थाओं की शिकायतों के बाद कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने यह आकस्मिक दौरा किया। वे करीब एक घंटे तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों में रहे और बारीकी से व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने जब ड्यूटी रजिस्टर चेक किया तो पाया कि ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों के डॉक्टरों के लिए अलग-अलग रजिस्टर रखे गए थे, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि रोस्टर को सही कर ड्यूटी चार्ट को बेहतर बनाया जाए। ड्यूटी के समय ओपीडी में अनुपस्थित रहने वाले चार डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है।
कलेक्टर ने मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में तत्काल ‘टोकन सिस्टम’ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन के निर्देशों के तहत यह औचक निरीक्षण किया गया है। टोकन सिस्टम शुरू होने से गर्भवती महिलाओं और ऑर्थोपेडिक मरीजों को घंटों तक कतार में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। कलेक्टर ने बताया कि अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई है।
वहीं, अस्पताल में लिफ्ट का काम अगले एक माह में पूरा करने और दो नई लिफ्ट जल्द ही लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि मरीजों और परिजनों को आवाजाही में परेशानी न हो।
