आगर मालवा, अग्निपथ। आगर मालवा जिला अस्पताल में पदस्थ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आर.एल. मालवीय के विरुद्ध भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की गंभीर शिकायतों ने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। लोकायुक्त की कार्रवाई का सामना कर चुके डॉक्टर पर अब ड्यूटी समय में निजी प्रैक्टिस करने और मरीजों को धमकाने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश देहलवार ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
डिप्टी सीएम तक पहुंची शिकायत: मेडिकल स्टोर से क्लीनिक चलाने का आरोप
किसान मोर्चा ग्रामीण मंडल आगर के अध्यक्ष चंदर सिंह यादव ने 10 फरवरी 2026 को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को एक पत्र भेजकर डॉ. मालवीय के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोला है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉ. मालवीय अस्पताल के ड्यूटी समय में नदारद रहते हैं और अपने पुत्र के मेडिकल स्टोर पर बैठकर मरीजों का इलाज करते हैं। आरोप है कि वे जानबूझकर मरीजों को अस्पताल से अपने निजी मेडिकल पर बुलाते हैं ताकि उन्हें महंगी दवाइयां बेचकर मुनाफा कमाया जा सके।
करोड़ों की अवैध संपत्ति और ‘हरिजन एक्ट’ की धमकी का दावा
शिकायतकर्ता चंदर सिंह यादव ने डॉक्टर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि डॉ. मालवीय ने अपने कार्यकाल के दौरान अवैध रूप से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया है कि डॉक्टर अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर लोगों को डराते-धमकाते हैं। शिकायत में उल्लेख है कि विरोध करने वाले लोगों को डॉक्टर द्वारा ‘हरिजन एक्ट’ जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। जिला अस्पताल में ईएनटी का दूसरा विशेषज्ञ न होने के कारण गरीब मरीज मजबूरी में उनके पास जाने को विवश हैं।
सीएमएचओ ने बिठाई निष्पक्ष जांच: चार सदस्यीय दल संभालेगा कमान
इन संगीन आरोपों के बाद सीएमएचओ डॉ. दिनेश देहलवार ने 5 मार्च 2026 को एक आदेश जारी कर निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित की है। इस जांच दल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक श्रीवास्तव को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में जिला स्वास्थ्य अधिकारी (द्वितीय) डॉ. हरीश आर्य और जिला औषधि निरीक्षक रोशनी धुर्वे शामिल हैं। सहायक ग्रेड-3 आयुष पौराणिक को समिति में प्रस्तुतकर्ता नियुक्त किया गया है। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की विस्तृत और स्वच्छ जांच के बाद ही आगे की दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
