ट्रेन रवानगी में देरी रोकने में रतलाम मंडल देश में नंबर-1, मालगाड़ियों के संचालन में बनाया रिकॉर्ड

ट्रेन रवानगी में देरी रोकने में रतलाम मंडल देश में नंबर-1, मालगाड़ियों के संचालन में बनाया रिकॉर्ड

रतलाम, अग्निपथ। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाते हुए देश भर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रतलाम मंडल ने ‘प्री-डिर्पाचर डिटेंशन’ यानी ट्रेन के रवाना होने से पहले होने वाली देरी को कम करने में पूरे देश के बड़े रेल मंडलों में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता उन मंडलों की श्रेणी में मिली है, जहाँ हर दिन 100 से अधिक मालगाड़ियों का संचालन किया जाता है।

हाईटेक सिस्टम से काम हुआ आसान

मंडल की इस बड़ी कामयाबी के पीछे आधुनिक तकनीक और बेहतर मैनेजमेंट का हाथ है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंडल ने ट्रेनों के स्टॉफ (क्रू) की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक कर दिया है। अब सारा काम ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिए होता है, जिससे न केवल काम में पारदर्शिता आई है, बल्कि ट्रेनों के परिचालन की गति भी बढ़ गई है।

यार्ड में जाम से मिली मुक्ति

ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए रेलवे यार्डों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। जो ट्रेनें सीधे निकलती हैं और जिन ट्रेनों के इंजन बदले जाते हैं, उनके लिए अलग-अलग लाइनें तय की गई हैं। इससे यार्ड में होने वाली भीड़भाड़ कम हुई है और ट्रेनों को बेवजह रुकना नहीं पड़ता। बेहतर प्लानिंग की वजह से मालगाड़ियों की औसत रफ्तार भी बढ़ी है और कर्मचारियों के काम के घंटों का मैनेजमेंट भी सुधरा है।

मात्र 41 मिनट में ट्रेन रवाना कर रचा इतिहास

रतलाम मंडल ने फरवरी 2026 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यहाँ ट्रेन के तैयार होने से लेकर उसके रवाना होने के बीच का औसत समय (देरी) घटकर मात्र 41 मिनट रह गया है। यह भारतीय रेलवे के इतिहास में किसी भी बड़े मंडल के लिए सबसे कम समय है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ रतलाम मंडल ने पूरे पश्चिम रेलवे का गौरव बढ़ाया है।

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