ग्वालियर/रतलाम, अग्निपथ। मादक पदार्थों की तस्करी के एक गंभीर मामले में ग्वालियर की एनडीपीएस कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रतलाम जिले के पूर्व भाजपा नेता विवेक पोरवाल और उसके साथी संदीप सिंह तोमर को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश नवनीत कुमार वालिया की अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला सितंबर 2022 में 19 क्विंटल डोडा चूरा की अवैध तस्करी से जुड़ा है।
मक्के की भूसी में छिपाकर लाया जा रहा था 1900 किलो डोडा चूरा
अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, 23 सितंबर 2022 को पुलिस थाना मोहना ने मुखबिर की सूचना पर एबी रोड पर घेराबंदी कर एक ट्रक को पकड़ा था। ट्रक की बारीकी से तलाशी लेने पर मक्के की भूसी की बोरियों के नीचे छिपाई गई 76 प्लास्टिक की बोरियां बरामद हुईं, जिनमें कुल 1900 किलो डोडा चूरा भरा था। जांच में खुलासा हुआ कि तस्करी की यह बड़ी खेप दीमापुर (असम) से लाई गई थी और इसे मंदसौर तथा नीमच के इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
डिजिटल साक्ष्यों ने खोली पूर्व भाजपा नेता की पोल
पुलिस जांच में सामने आया कि ढोढर निवासी विवेक पोरवाल ने इस पूरी तस्करी के लिए रुपयों का प्रबंधन और समन्वय किया था। कोर्ट में पोरवाल के विरुद्ध बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया चैट जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य पेश किए गए, जिससे उसकी संलिप्तता प्रमाणित हुई। इस मामले में संलिप्त एक अन्य आरोपी बृजेश सिंह सिकरवार फिलहाल फरार है, जबकि साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
