धार,अग्निपथ। धार जिले में तेंदुओं की दस्तक अब एक आम बात हो गई है। ताजा मामला कुक्षी के पास स्थित ग्राम कुड़दीगपूरा का है, जहां गुरुवार सुबह दो तेंदुओं की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने गांव के पास एक नीम के पेड़ पर तेंदुओं को देखा और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद एक तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने में सफलता हासिल की, जबकि दूसरा तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
5 फरवरी 2026 की सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्हें अचानक तेंदुओं की गुर्राहट सुनाई दी। पास जाकर देखा तो एक तेंदुआ नीम के घने पेड़ की ऊंचाइयों पर बैठा था, जबकि दूसरा पेड़ के नीचे बनी एक खोह में छिपा हुआ था। देखते ही देखते ग्रामीणों और बच्चों का हुजूम मौके पर जमा हो गया। वन विभाग की टीम ने जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, तो पेड़ पर बैठा तेंदुआ फुर्ती से छलांग लगाकर जंगल की ओर ओझल हो गया। इसके बाद टीम ने खोह में छिपे दूसरे तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला।
कुक्षी वन विभाग के रेंजर शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि रेस्क्यू किए गए दोनों तेंदुओं की उम्र लगभग 7 से 8 महीने के बीच है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि रात के समय कुत्तों के झुंड ने इन पर हमला कर दिया था। कुत्तों के डर से अपनी जान बचाने के लिए ये दोनों शावक गांव की ओर आ गए। खोह में छिपे शावक को कुत्तों ने हल्का घायल कर दिया है, जिसका फिलहाल पशु चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और घायल शावक की सेहत पर नजर रखी जा रही है।
