धार, अग्निपथ। जिले में नौ माह की कड़ी मेहनत के बाद अब विद्यार्थियों की परीक्षा की घड़ी आ गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 10 फरवरी से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं को लेकर जनजातीय कार्य विभाग और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बार परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए विभाग डिजिटल संसाधनों का सहारा ले रहा है।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगे पेपर
इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने नकल पर नकेल कसने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। जिले के सभी 105 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सीधी निगरानी रखी जाएगी। जनजातीय कार्य विभाग ने केंद्रों पर उपलब्ध फर्नीचर, इंटरनेट और कैमरों की विस्तृत जानकारी मंडल को भेज दी है। खास बात यह है कि इस बार ‘डिजिटल निगरानी’ के जरिए उड़नदस्ता टीमें सीधे उन केंद्रों पर दबिश देंगी, जहाँ संदिग्ध गतिविधियाँ नजर आएंगी।
रिजल्ट सुधारने के लिए ‘प्रश्न बैंक’ और ‘व्हाट्सएप ग्रुप’ का सहारा
पिछले सत्र (2024-25) में धार जिले का परीक्षा परिणाम लगभग 75 प्रतिशत रहा था, जिसके चलते प्रदेश की रैंकिंग में जिला 18वें स्थान पर पिछड़ गया था। इस बार रैंकिंग सुधारने के लिए विभाग ने नवाचार किए हैं। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विषयवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें विशेषज्ञ शिक्षक जुड़े हैं। साथ ही, पुराने वर्षों के महत्वपूर्ण प्रश्नों को संकलित कर एक ‘प्रश्न बैंक’ तैयार किया गया है, जिसकी सॉफ्ट और हार्ड कॉपी छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई गई है।
संवेदनशील केंद्रों पर रहेगी पैनी नजर
जिले में कुल 105 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 9 केंद्रों को ‘संवेदनशील’ की श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। इस वर्ष 4 नए केंद्र बनाए गए हैं, जबकि 2 पुराने केंद्रों को सुविधाओं के अभाव में बंद कर दिया गया है। प्रत्येक केंद्र पर शासकीय अधिकारियों को प्रभारी और केंद्राध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
परीक्षा का गणित: एक नजर में
कुल परीक्षार्थी: कक्षा 10वीं में 25,185 और कक्षा 12वीं में 17,799 विद्यार्थी शामिल होंगे।
परीक्षा तिथियां: 10 फरवरी से हाईस्कूल (10वीं) और 11 फरवरी से हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षाएं प्रारंभ होंगी।
सुविधाएं: केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।
“जिले में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संवेदनशील केंद्रों के लिए विशेष प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। बच्चों की सुविधा के लिए केंद्रों पर पानी और अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।”
— नरोत्तम सिंह वरकड़े, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, धार
