आज पांचवे दौर में 22 दुकान होंगी नीलाम
धार, अग्निपथ। धार जिले में नई आबकारी नीति वर्ष 2026-27 के क्रियान्वयन के साथ ही शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया ई-टेंडर कम ऑक्शन के माध्यम से तेजी से जारी है। जिला प्रशासन द्वारा अब तक पांच चरणों की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है जिसमें 21 में से 17 समूहों की 66 दुकानों का ठेका हो चुका है। विभाग को अब तक इन नीलामियों से 513 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है जो कुल अनुमानित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत है। आबकारी विभाग को उम्मीद है कि आगामी चरणों के पूर्ण होने तक यह आंकड़ा 600 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा।
19 मार्च को खुलेंगे पांचवे चरण के टेंडर
नीलामी के वर्तमान चक्र में शेष बचे 09 समूहों की 22 कंपोजिट मदिरा दुकानों के लिए विभाग ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस प्रक्रिया में 19 मार्च का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन दोपहर के पश्चात ई-टेंडर ओपन किए जाएंगे। इस पांचवे चरण में गंधवानी, धार क्रमांक-दो, बदनावर, बगड़ीफाटा, बरमंडल, कानवन, बिडवाल, भैंसोला और मुलथान जैसे प्रमुख क्षेत्रों की दुकानें शामिल हैं। इन समूहों के लिए विभाग ने 133 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया है। जिला आबकारी समिति की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से टेंडर खोलने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है।
बड़े ठेकेदारों का एकाधिकार समाप्त करने की रणनीति
शासन ने इस बार नई नीति के माध्यम से बड़े लाइसेंसियों के वर्चस्व को चुनौती दी है। सहायक आबकारी आयुक्त राज नारायण सोनी के अनुसार पूर्व में एकल समूहों के स्थान पर अब छोटे समूह बनाकर नीलामी की जा रही है। प्रत्येक समूह में न्यूनतम 4 और अधिकतम 5 दुकानों को शामिल किया गया है ताकि छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायी भी इस प्रक्रिया में भाग ले सकें।
इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य लाइसेंसियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाकर शासन के राजस्व में वृद्धि करना है। धार जिला प्रदेश के उन शीर्ष 10 जिलों में शामिल है जो आबकारी के माध्यम से सर्वाधिक राजस्व जुटाते हैं।
अभी सावधान ठेकेदार
वर्तमान में शराब ठेकेदारों के बीच रुको और देखो की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों का कहना है कि कई ठेकेदार शुरुआती चरणों की ऊंची कीमतों को देखते हुए फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं। जिले में चर्चा है कि कुछ समूह आगामी चरणों में आरक्षित मूल्य में संभावित कटौती की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि चौथे चरण तक का रिस्पॉन्स सकारात्मक रहा है और हाल ही में मांडव शिवबाबा, बड़ी कड़ोद, बदनावर स्टैंड और बलोदा क्षेत्रों के लिए सफल आवंटन किए जा चुके हैं।
