धार में 15 साल बाद डिजिटल जनगणना की तैयारी: 1 मई से शुरू होगा प्रथम चरण

धार, अग्निपथ। जिले में डेढ़ दशक के लंबे अंतराल के बाद जनगणना की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। वर्ष 2026 में होने जा रही यह 8वीं जनगणना पूरी तरह हाईटेक और डिजिटल होगी। जनगणना का कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर मकानों की सूचीकरण तक चलेगा। इसके पश्चात फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस बार की गणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर भविष्य में नए विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का निर्धारण होना है।

18 फरवरी से अधिकारियों का प्रशिक्षण सत्र

जनगणना की बारीकियों को समझाने के लिए 18 फरवरी से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसमें भोपाल से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षक सूरज दीपक बड़गे और हुकुमचंद पर्वते जिला अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे। अधिकारियों के प्रशिक्षित होने के बाद यह क्रम जमीनी स्तर के कर्मचारियों तक पहुंचेगा। अनुमान है कि इस बार जिले की आबादी 27 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी, जबकि 2011 की जनगणना में यह संख्या 21 लाख 84 हजार 672 थी।

स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का मिलेगा विकल्प

इस डिजिटल जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ है। आम नागरिक अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से स्वयं की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। इससे न केवल सरकारी अमले पर काम का बोझ कम होगा, बल्कि जातिगत आंकड़े जुटाने में भी पारदर्शिता आएगी। जो लोग किसी अन्य के सामने अपनी जाति बताने में संकोच करते हैं, वे स्वयं ऑनलाइन माध्यम से बिना किसी झिझक के सटीक जानकारी दे सकेंगे।

मोबाइल ऐप से होगी 33 बिंदुओं पर जानकारी

प्रगणक (सरकारी कर्मचारी) घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से 33 अलग-अलग बिंदुओं पर डेटा एकत्र करेंगे। इसमें मकान की निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, बिजली-पानी, शौचालय, ईंधन और परिवार की परिसंपत्तियों जैसे टीवी, वाहन व फोन की जानकारी शामिल होगी। इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में मजरे-टोलों के लिए अलग से कॉलम रखा गया है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की गणना सटीक हो सके। डेटा रियल टाइम में सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे गड़बड़ी की आशंका न्यूनतम रहेगी।

गलत जानकारी देना पड़ सकता है भारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में हिस्सा लेना केवल नागरिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि कानूनी अनिवार्यता भी है। यदि कोई व्यक्ति जानकारी देने से इनकार करता है या जानबूझकर गलत जानकारी दर्ज कराता है, तो जनगणना अधिनियम के तहत 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। सही आंकड़ों से ही बेरोजगारी, साक्षरता और गरीबी उन्मूलन की सटीक योजनाएं बनाई जा सकेंगी।

धार जिले की जनसंख्या स्थिति एक नजर में

विवरण2001 की स्थिति2011 की स्थिति2027 (अनुमानित)
धार शहर75,47293,9171,42,000
धार जिला17,40,00021,84,00027,14,000

जाति आधारित एवं अन्य आंकड़े (2011 के अनुसार):

  • अनुसूचित जाति: 1,45,436

  • अनुसूचित जनजाति: 12,22,814

  • कुल साक्षर: 13,24,944 (पुरुष- 7,92,064, महिला- 5,32,880)

  • कुल क्षेत्रफल: 8,153 वर्ग किमी

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