भागीरथपुरा में रिश्तेदार के यहां पर पानी पीने से गई जान
बेटे का आरोप – स्थानीय आधार कार्ड नहीं होने के कारण प्रशासन ने नहीं की मदद
धार, अग्निपथ। शहर की शिव विहार कॉलोनी निवासी ओमप्रकाश शर्मा उम्र 69 साल की इंदौर में उपचार के दौरान मौत हो गई हैं, परिजन शव लेकर धार पहुंचे। सोमवार सुबह कॉलोनी से श्री शर्मा की अंतिम यात्रा निकली, जिसमें परिवार सहित रिश्तेदार नम आंखों से शामिल हुए। अचानक शर्मा की मौत की सूचना के बाद हर कोई चिंतित हैं, क्योंकि शर्मा अपने रिश्तेदार के यहां मिलने के लिए इंदौर के भागीरथपुरा पहुंचे थे। जहां पर रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने क्षेत्र का दूषित पानी पिया व तबीयत बिगडने लगी थी। कल रविवार दोपहर के समय ओमप्रकाश शर्मा ने इंदौर में ही अंतिम सांस ली। इधर परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है।
बेटे से मिलने गए थे
ओमप्रकाश शर्मा पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल से चार साल पहले ही सेवानिवृत हुए थे। शहर की शिव विहार कॉलोनी में ओमप्रकाश शर्मा का मकान बना हुआ है। बेटा गौरव शर्मा इंदौर में टीचर हैं, बेटे से मिलने के लिए 25 दिसंबर को राजेंद्र नगर पहुंचे थे। 28 दिसंबर को भागीरथपुरा में रहने वाले रिश्ते।दार से मिलने के लिए ओमप्रकाश शर्मा वहां गए थे, जहां पर रुकने के बाद पुन बेटे के घर आ गए थे।
उन्हें 1 जनवरी को उल्टी, दस्त के कारण एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इस दौरान उनकी हालत और बिगड़ी। इस पर 2 जनवरी को आईसीयू में एडमिट किया गया। फिर दो दिन बाद वेंटिलेटर पर लिया गया। रविवार दोपहर 1 बजे उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान करीब डेढ़ लाख रुपये दवाइयों में और सवा लाख रुपये अस्पताल के बिल में खर्च हुए।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास स्थानीय आधार कार्ड नहीं होने के कारण प्रशासन ने उन्हें पांडेमिक पीडि़तों की सूची में शामिल नहीं किया। बेटे का कहना है कि संक्रमण आधार कार्ड या शहर देखकर नहीं आता। वहीं, इंदौर प्रशासन ने इस मौत को पांडेमिक से बाहर माना है।
बेटे ने बताया कि उनके सारे सिम्टम्स तो वही दूषित पानी वाले ही थे।
जो टाइमलाइन है जिसमें उनको ये प्रॉब्लम हुई क्योंकि इसके पहले कोई बैक हिस्ट्री नहीं है उनकी। कोई ऐसी मेडिकल हिस्ट्री नहीं है जिसमें उनको इस तरीके का इशू हुआ। 2 दिन तक डायरिया हुआ, तीसरे दिन हम हॉस्पिटल में एडमिट हो गए। बैक्टीरिया कोई एरिया देख के नहीं आता, बैक्टीरिया आधार कार्ड देख के नहीं आता किसी भी बॉडी पे। वो बैक्टीरिया है, एरिया से आया है तभी हुआ है और मेडिकली प्रूवन है, डॉक्टर ने लिख के दिया है। उसके बाद भी टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण इतने लोगों से संपर्क करने के बाद भी हमारी मदद नहीं हुई है।
प्रशासन तक जब ये एक बड़ी खामी समझ में आएगी कि हम संक्रामक को सिर्फ एक एरिया से बांध रहे हैं। अगर कोई उस एरिया में जाके पानी पी ले और वो किसी और एरिया का है, तो भी तो बैक्टीरिया उस पे वैसे ही असर करेगा जैसे बाकी लोगों पे कर रहा है ओमप्रकाश शर्मा का अंतिम संस्कार धार के मुक्तिधाम में किया गया।
