धार,अग्निपथ। नगर पालिका की लचर और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर आज कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि एवं पार्षद दल ने पुरानी नगर पालिका परिसर में धरना दिया। जनप्रतिनिधियों ने सीधे तौर पर नगर पालिका की लापरवाही को शहर की गंदगी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। इस धरने ने नगरपालिका की लाचार और निकम्मी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।
नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि, प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष करीम कुरैशी, पार्षद प्रतिनिधि रईस शेख, बंटी डोड, बरसात सिसोदिया और मनीष कन्नौज ने गंदगी के विरोध में यह धरना दिया।
पुरानी पालिका ही बन गई कचरा अड्डा
प्रतिनिधियों ने बताया कि पुरानी नगर पालिका परिसर, जो स्वयं पालिका की संपत्ति है और जहाँ 24 घंटे चौकीदार नियुक्त रहता है, अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है, और 6 बूथ व 2 आंगनवाड़ियाँ संचालित हैं, इसके बावजूद इसे कर्मचारियों द्वारा ही अस्थाई कचरा अड्डा बना दिया गया है।
करीम कुरैशी और रईस शेख ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों पर कार्यवाही से बचने के लिए रहवासी क्षेत्र में ही कचरे को जलाया जा रहा है, जो गंभीर प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट पैदा कर रहा है।
गंभीर आरोप: भूमाफिया और धरोहर के पास कचरा
जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भूमाफिया को फायदा पहुँचाने के लिए छत्री स्थित नियमित कचरा अड्डे को हटा दिया गया। वहीं, दूसरी ओर, विश्व प्रसिद्ध धरोहर भोजशाला के पास मोतीबाग चौक पर जानबूझकर कचरा अड्डा बना रखा है, जिसे हटाने के बार-बार आग्रह के बावजूद नहीं हटाया गया।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना
करीब दो घंटे तक चले इस धरने के बाद, एसडीएम को पूरे मामले से अवगत कराया गया। इसके बाद नगर पालिका के स्वास्थ्य के नोडल अधिकारी विक्रम भाभोर, स्वस्थ अधिकारी राधेश्याम मुवेल, राजस्व अधिकारी अरविंद डोड और हेमराज वर्मा मुख्य नगरपालिका के प्रतिनिधि के रूप में धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को सभी समस्याओं को दूर करने और कचरा अड्डों को जल्द समाप्त करने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के निर्देश पर, हाथों-हाथ पुरानी नगरपालिका परिसर से कचरा हटवाया गया, झाड़ू लगाई गई और फायर बिग्रेड से पूरे परिसर को धोया गया। चौकीदार को भी सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में परिसर में कचरा न डाला जाए और अवैध पार्किंग को हटाया जाए।
