नगर पालिका में भेदभाव के आरोप: नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 25 मुद्दों पर मांगा जवाब

धार, अग्निपथ। नगर पालिका परिषद की आगामी बैठक से पहले राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष अब्दुल करीम कुरैशी ने कलेक्टर प्रियंक मिश्र को एक ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका प्रशासन पर विपक्षी पार्षदों के साथ भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया है। कुरैशी का स्पष्ट कहना है कि शहर के विकास और जनहित से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों को परिषद की बैठक के एजेंडे में जानबूझकर शामिल नहीं किया जा रहा है।

पिछली मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप

कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उन्होंने 16 दिसंबर 2025 को ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर शहर की व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को बैठक में शामिल करने का आग्रह किया था। इसके बावजूद आगामी बैठक के एजेंडे में इन प्रस्तावों को जगह नहीं दी गई। कुरैशी ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

भ्रष्टाचार की जांच और सौंदर्यीकरण के 25 बिंदु

ज्ञापन में कुल 25 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की मांग की गई है। इनमें शहर के विकास के साथ-साथ भ्रष्टाचार की जांच से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं:

  • शहर का विकास: देवीजी तालाब का सौंदर्यीकरण, चारों मुख्य मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार का निर्माण और ट्रैफिक सुधार के लिए घोड़ा चौपाटी पर सिग्नल लगाना।

  • जांच की मांग: आर.के. कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट करना, स्टोर रूम में हुई चोरी की निष्पक्ष जांच और पीएचई विभाग के खर्चों की मूल फाइलों का ऑडिट।

  • अतिक्रमण पर प्रहार: ट्रेचिंग ग्राउंड एवं अन्य बेशकीमती सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं के अवैध कब्जों पर विस्तृत चर्चा।

  • सुविधाएं: रैन बसेरों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति और पेयजल व्यवस्था का समय निर्धारित करना।

सीएमओ के व्यवहार पर निंदा प्रस्ताव और पारदर्शिता की मांग

अब्दुल करीम कुरैशी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के व्यवहार पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सीएमओ द्वारा समय पर कार्यालय न आने, पार्षदों से न मिलने और फोन न उठाने जैसे रवैये पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की है। साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की कार्ययोजना, पिछले वर्षों के वित्तीय लेनदेन, डीजल लॉक बुक और आउटसोर्स कर्मचारियों की मूल फाइलों को परिषद की मेज पर रखने की मांग की है ताकि सभी पार्षद इनकी पारदर्शिता की जांच कर सकें।

“हमने जनहित में 25 मुद्दे उठाए हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें दबाने की कोशिश कर रहा है। अगर इन मुद्दों को बैठक में शामिल नहीं किया गया, तो यह जनता के हक के साथ खिलवाड़ होगा।” — अब्दुल करीम कुरैशी, नेता प्रतिपक्ष

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