बड़नगर, अग्निपथ। बड़नगर न्यायालय ने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के करीब तीन साल पुराने मामले में सख्त फैसला सुनाया है। मामला 7 मई 2022 का है, जब फरियादी सद्दाम पटेल और उनके परिवार पर ग्राम उमरिया के गौरी परिवार के पांच सदस्यों ने हमला कर दिया था। आरोपी उस्मान, करामत, युसुफ, अरब अली और एहसान (सभी पिता अल्लानुर नायता) ने जमीन का हिस्सा देने से मना करते हुए सद्दाम, उनके भाई शेखर और माता फरिदा के साथ लाठियों से मारपीट की थी। आरोपियों ने सरेआम गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद थाना बड़नगर में अपराध क्रमांक 0246/2022 दर्ज किया गया था।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली सजा
इस गंभीर मामले में मध्य प्रदेश शासन की ओर से एडीओपी दीपक मुकाती ने फरियादी पक्ष की पैरवी की। श्री मुकाती ने न्यायालय के समक्ष फरियादी का पक्ष मजबूती से रखा और मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एवं सूक्ष्म तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन ने साबित किया कि आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि कानून का उल्लंघन करते हुए हथियारों का प्रदर्शन भी किया था। बता दें कि इन आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया था।
कोर्ट ने सुनाई एक-एक साल के कारावास की सजा
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भावना जाटवा की अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए 17 दिसंबर 2025 को अपना अंतिम निर्णय सुनाया। न्यायालय ने पांचों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आयुध अधिनियम के तहत दोषी पाया। सजा के तौर पर सभी आरोपियों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और इसे न्याय की जीत बताया है।
