तराना, अग्निपथ। महिला एवं बाल विकास परियोजना तराना के अंतर्गत ग्राम कांवली खेड़ा और तराना नगर के वार्ड क्रमांक 4 एवं 11 में ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन की आईटी वर्कर श्रीमती योगिता बोरासी, विधि सह परीवीक्षा अधिकारी श्रीमती प्रियंका त्रिपाठी और महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षक शबाना खान मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है। इससे न केवल बच्चे शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित होते हैं, बल्कि यह भविष्य में कई सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह कानूनन अपराध है। इसमें शामिल माता-पिता, रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, रसोइया, बैंड-बाजे और पत्रिका छापने वाले सभी लोग सजा के दायरे में आते हैं।
अधिकारियों ने पोक्सो एक्ट और लैंगिक अपराधों के प्रति भी अभिभावकों को सजग किया। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें और उनके साथ मित्रवत व्यवहार रखें। यदि बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव दिखे, तो तत्काल संवाद करें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। श्रीमती योगिता बोरासी ने वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की कार्यप्रणाली समझाई, वहीं शबाना खान ने कम उम्र में विवाह से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों को बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई गई।
