शाजापुर, अग्निपथ। उम्र के आखिरी पड़ाव पर शांतिपूर्ण जीवन की चाह रखने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग के लिए पिछले तीन साल किसी डरावने सपने से कम नहीं थे। शाजापुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बुजुर्गों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये की वसूली करता था। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन आरोपियों ने एक बुजुर्ग को झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 33 लाख रुपये की मोटी रकम डकार ली थी।
5 हजार से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खूनी खेल
शिकायत के अनुसार, पीड़ित रमेशचंद्र को आरोपियों ने अपनी साजिश का शिकार बनाया और उनकी बातचीत का एक वीडियो गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड कर लिया। इसी वीडियो को हथियार बनाकर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हुआ। आरोपियों ने बुजुर्ग को डराया कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो वे उन्हें दुष्कर्म के झूठे मामले में जेल भिजवा देंगे और समाज में उनकी बदनामी कर देंगे। बदनामी के डर से बुजुर्ग ने पहली बार 5 हजार रुपये दिए, लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया। वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक आरोपी किश्तों में बुजुर्ग से कुल 33 लाख रुपये वसूल चुके थे।
20 लाख की और मांग ने तोड़ा बुजुर्ग का सब्र
आरोपियों की लालच की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब 33 लाख रुपये ऐंठने के बाद भी उनकी भूख शांत नहीं हुई। आरोपियों ने बुजुर्ग पर 12 अप्रैल तक 20 लाख रुपये और देने का भारी दबाव बनाया। बार-बार मिल रही जान से मारने की धमकियों और आर्थिक शोषण से तंग आकर अंततः पीड़ित ने साहस दिखाया और पुलिस की शरण ली। बुजुर्ग की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और त्वरित जाल बिछाया।
आधी रात को दबिश और चारों आरोपी गिरफ्तार
शाजापुर पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात शुजालपुर के भीलखेड़ी रोड पर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी पार्वती बैरागी, राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस ने इन चारों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने इस तरह किसी और को भी अपना शिकार बनाया है। आरोपियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
