नागदा, अग्निपथ। शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बेरछा में चैत्र नवरात्र की पंचमी के अवसर पर पारंपरिक हवन-पूजन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात पंडाजी मांगीलाल शर्मा द्वारा प्रतिवर्षानुसार आगामी वर्ष की भविष्यवाणियां की गई। पंडाजी ने वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में चल रहा युद्ध तीन माह तक जारी रहेगा और आने वाले समय में यह एक भीषण महायुद्ध का रूप ले सकता है।
मौसम और फसलों का पूर्वानुमान
पंडाजी की भविष्यवाणी के अनुसार, आगामी मानसून सत्र में वर्षा की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहेगी। आषाढ़ माह में सात दिन अधिक बारिश होगी, जबकि सावन में 25 दिनों तक लगातार वर्षा का अनुमान है। भादवा माह में 8 दिन की बारिश होगी, जिससे अत्यधिक जलभराव के कारण बांध टूटने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। कृषि के संबंध में उन्होंने बताया कि इस वर्ष तीन बार बोवनी के योग हैं, जिसमें पहली बोवनी आधे आषाढ़ में संपन्न होगी। सोयाबीन की फसल को इल्ली और टिड्डी दल से नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
आर्थिक मोर्चे पर भविष्यवाणी की गई है कि वैशाख माह में अनाज के दामों में वृद्धि होगी, हालांकि बाद में कीमतें कम होंगी। गेहूं और सोयाबीन के भाव वैशाख के बाद बढ़ेंगे, जबकि तेल और लहसुन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। सोना-चांदी के भाव में निरंतर उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
प्राकृतिक आपदा और वैश्विक संकट
पंडाजी ने प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देते हुए कहा कि वैशाख, कार्तिक और पौष माह में भूकंप के योग बन रहे हैं। तीन समुद्रों में भीषण तूफान आने से विदेशी राष्ट्रों को भारी जन-धन की हानि होगी। स्वास्थ्य के दृष्टि से जून माह में बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की बात कही गई है। साथ ही, आतंकवाद के कारण जनहानि और सत्ता पक्ष के मुखिया को लेकर भी प्रतिकूल संकेत दिए गए हैं। उन्होंने अंत में कहा कि इन समस्त संकटों के बीच भगवान महाकाल ही रक्षा करेंगे।
