बदमाशों ने पानबिहार में भी जेसीबी किराए पर लेकर महाराष्ट्र में बेची, सरगना फरार
उज्जैन, अग्निपथ। पुलिस ने एक ऐसे अंतराराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बड़े और भारी वाहन किराए पर लेकर इन्हें दूसरेेेेे राज्यों में बेचने का गौरखधंधा करता है। घट्टिया के ग्राम पानबिहार में भी बदमाशों ने एक जेसीबी किराए पर लेकर महाराष्ट्र में बेची थी। जब आरोपी रतलाम पुलिस द्वारा पकड़े गए तो पानबिहार पुलिस वहां पहुंची और रतलाम पुलिस की सहायता से पानबिहार की वारदात का पता लगाया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पानबिहार से जेसीबी किराए पर लेकर महाराष्ट्र में बेची है।
पुलिस ने बताया 1 जुलाई को घट्टिया के पानबिहार चौकी क्षेत्र के ग्राम भीलखेड़ा में रहने वाले रवि मालावत ने शिकायत दर्ज कराइ्र थी कि उसके पूर्व परिचित शाहरूख निवासी खजराना इंदौर ने उसकी जेसीबी क्रमांक एमपी 07 डीए 0698 को एक माह के लिए किराए पर ली थी। निर्धारित समय पर शाहरूख ने जेसीबी का तय किराया 1 लाख रुपए नहीं दिया। जब उसे कॉल किय तो उसका फोन भी स्वीच ऑफ मिला। वह उसके घर से भी लापता था। इस पर रवि ने चौकी पर प्रकरण दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। जिसमें पता चला कि एक ऐसा गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर काम करता है जो भारी वाहन किराए पर लेकर उसे दूसरे राज्यों में धोखे से बेच देते हैं। इसी बीच सूचना मिली कि रतलाम पुलिस ने ऐसे ही मामलों में संलिप्त 3 आरोपियों को पकड़ा है। थाना पानबिहार पुलिस टीम द्वारा रतलाम पहुंचकर गिरफ्तार आरोपी इब्राहिम निवासी धूलिया महाराष्ट्र, नईम खान निवासी इंदौर और रईस खान निवासी उन्हेल से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने भीलखेड़ा से जेसीबी किराए पर लेकर महाराष्ट्र के धूलिया में 8 लाख रुपए में बेची है।
फर्जी मालिक का फोटो लगाकर दस्तावेज तैयार किये
आरोपियों ने महाराष्ट्र के धूलिया में जेसीबी बेचने के लिए फर्जी मालिक का फोटो लगाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद जेसीबी को 8 लाख रुपए में बेच दिया। पानबिहार पुलिस तीनों आरोपियों को प्रोडक् शन वारंट पर गिरफ्तार करके लाई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने धूलिया महाराष्ट्र जाकर जेसीबी बरामद कर ली है। प्रकरण में मुख्य आरोपी गिरोह का सरगना शाहरूख निवासी खजराना फरार है। पुलस उसकी तलाश कर रही है।
गिरोह का संचालक नईम, सोशल मीडिया पर वाहन मालिकों से संपर्क करता
इस अंतरराज्यीय गिरोह का संचालक नईम निवासी इंदौर है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से वाहन मालिकों से संपर्क करता और जेसीबी या अन्य बडे वाहन किराए पर लेने का करार करता था। जेसीबी, डंपर, ट्रक आदि किराए पर लेकर गिरोह के सदस्य इन्हें दूसरे राज्यों में बेच देते थे। इस गिरोह के सदस्यों ने पूर्व में रतलाम, उज्जैन, इंदौर सहित कईं जिलों में ऐसे अपराधों को अंजाम दिया है।
