भोजशाला में बसंत पंचमी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त: 36 जिलों का बल संभालेगा मोर्चा

धार, अग्निपथ। ऐतिहासिक भोजशाला में आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन पर्व पर होने वाले आयोजनों को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को होने के कारण पूजा और नमाज के समय को लेकर प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए दो सप्ताह पहले से ही पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

8 हजार जवानों और 20 आईपीएस अधिकारियों का सुरक्षा कवच

सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस बार प्रदेश के 36 जिलों का पुलिस बल धार में तैनात रहेगा। आगामी दिनों में करीब 8 हजार अतिरिक्त बल यहाँ पहुँचेगा, जिसमें बटालियन और सीआरपीएफ के जवान शामिल होंगे। सुरक्षा की कमान 20 से अधिक आईपीएस अधिकारी संभालेंगे, जिनके साथ 90 एसपी-डीएसपी रैंक के अधिकारी और 68 टीआई मोर्चा संभालेंगे। शहर को 6 सेक्टरों में बांटा गया है और सुरक्षा के लिए 70 फिक्स पॉइंट बनाए गए हैं।

चप्पे-चप्पे पर नजर: सीसीटीवी और अश्वारोही दल तैनात

प्रशासन ने सुरक्षा के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों का सहारा लिया है। पूरे शहर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जबकि मकानों की छतों से भी निगरानी रखी जाएगी। सड़क पर सुरक्षा के लिए अश्वारोही पुलिस (घुड़सवार), बाइक टीम और मोबाइल टीम निरंतर गश्त कर रही है। शहर में बाहरी लोगों के प्रवेश के लिए सात नाका पॉइंट बनाए गए हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी रोकने के लिए विशेष टीम मॉनिटरिंग कर रही है।

भोजशाला परिसर की ‘एंटी-सैबोटेज’ जांच

सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए बीडीएस टीम (खरगोन) द्वारा भोजशाला परिसर के अंदर और बाहर सघन एंटी-सैबोटेज जांच की गई। विस्फोटक निरोधक जांच दस्ते ने परिसर के हर कोने की सूक्ष्मता से तलाशी ली। संवेदनशील इलाकों में सड़क किनारे पड़े ईंट-पत्थरों को भी हटवाया जा रहा है ताकि असामाजिक तत्व इनका लाभ न उठा सकें। प्रशासन द्वारा विभिन्न समाज प्रमुखों के साथ बैठकों का दौर भी जारी है।

अखंड पूजन और मूर्ति स्थापना की मांग तेज

एक ओर जहाँ प्रशासन सुरक्षा में जुटा है, वहीं हिंदू समाज ने बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्विघ्न अखंड पूजन की मांग तेज कर दी है। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और पुरातत्व विभाग के नाम लगातार ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। बैठक में मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से लाकर पुनः स्थापित करने की मांग भी प्रमुखता से उठी। हिंदू समाज का तर्क है कि हालिया सर्वे में मिले 1800 से अधिक अवशेष और प्रतिमाएं उनके अधिकारों की पुष्टि करते हैं।

केसरिया पताकाओं से सजा शहर, दुल्हन की तरह सज रही धार

धार्मिक उत्साह के बीच पूरा शहर भगवामय हो गया है। शोभायात्रा मार्ग पर हजारों केसरिया ध्वज लगाए गए हैं। 23 जनवरी को ‘नगर गौरव दिवस’ के रूप में भी मनाया जा रहा है, जिसके लिए नगर पालिका प्रमुख चौराहों और भवनों पर विशेष विद्युत सज्जा कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने घोड़ा चौपाटी से त्रिमूर्ति चौराहे तक की गुमटियों को अस्थायी रूप से हटा दिया है।

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