भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले दिग्विजय सिंह के पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक सरगर्मी

धार, अग्निपथ। धार की ऐतिहासिक भोजशाला में 23 जनवरी को बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग होने से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हिंदू पक्ष जहाँ सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा की मांग पर अड़ा है, वहीं मुस्लिम समाज एएसआई के पुराने आदेशों का हवाला देकर दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की अनुमति चाह रहा है। इस संवेदनशील माहौल के बीच, सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से ठीक एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी पारा गरमा दिया है।

दिग्विजय सिंह की अपील: “शांति और पुराने आदेशों का हो पालन”

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में प्रशासन को 2003, 2013 और 2016 की व्यवस्थाओं की याद दिलाई है। उन्होंने लिखा कि पूर्व में भी जब बसंत पंचमी और शुक्रवार साथ आए थे, तब प्रशासन ने शांतिपूर्ण समाधान निकाला था। सिंह ने कहा, “एएसआई के आदेश अनुसार दोपहर 1 बजे तक पूजा, फिर 1 से 3 बजे तक नमाज और उसके बाद पुनः सूर्यास्त तक पूजा की व्यवस्था रही है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इस आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।” उन्होंने सभी पक्षों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

सुप्रीम कोर्ट में आज ‘अखंड पूजा’ पर फैसला

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन द्वारा दायर याचिका पर आज, 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। याचिका में बसंत पंचमी के दिन बिना किसी व्यवधान के पूरे दिन पूजा करने की अनुमति मांगी गई है। इस सुनवाई के परिणाम पर न केवल धार, बल्कि पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट का फैसला ही तय करेगा कि शुक्रवार को भोजशाला के भीतर की व्यवस्था क्या होगी।

अभेद्य किले में तब्दील हुई धार

बसंत पंचमी और नमाज के संयोग को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे जिले में 8 हजार पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। स्थानीय बल के साथ-साथ सीआरपीएफ, आरएएफ और पीटीएस फोर्स ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पूरे शहर की सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक तकनीक से निगरानी की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

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