महाकाल की नगरी में ‘हनीट्रैप’ का सनसनीखेज पर्दाफाश: महामंडलेश्वर को फंसाने की साजिश, ‘साध्वी’ ही निकली मास्टरमाइंड

हनीट्रैप' का सनसनीखेज पर्दाफाश: महामंडलेश्वर

उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल की नगरी उज्जैन, जहां आस्था का समंदर उमड़ता है, वहां धर्म की आड़ में एक ऐसा घिनौना खेल खेला जा रहा था जिसे सुनकर हर कोई दंग है। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के ठीक पीछे स्थित जयसिंहपुरा के ‘चारधाम मंदिर’ के पीठाधीश्वर और निरंजनी अखाड़े के प्रतिष्ठित महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद महाराज को ‘हनीट्रैप’ के जाल में फंसाने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। इस पूरे षड्यंत्र के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि एक पूर्व महिला महामंडलेश्वर (साध्वी) मंदाकिनी पुरी और उनके साथी घनश्याम पटेल का हाथ सामने आया है।

बनारस की महिला, 50 हजार का लालच और गंदा खेल

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी घनश्याम पटेल और साध्वी मंदाकिनी पुरी ने महाराज की छवि धूमिल करने और उनसे मोटी रकम वसूलने (ब्लैकमेलिंग) के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया था। इसके लिए उन्होंने बनारस की एक महिला को चुना। उसे 50 हजार रुपये का लालच दिया गया और उज्जैन बुलाया गया। योजना यह थी कि उस महिला के जरिए महामंडलेश्वर पर बलात्कार (रेप) का झूठा आरोप लगवाया जाए और फिर केस वापस लेने के बदले करोड़ों रुपये की मांग की जाए।

अश्लील फोटो का डर और मजबूरी का फायदा

पुलिस की पूछताछ में बनारस की महिला ने जो राज उगले, वे चौंकाने वाले हैं। महिला ने बताया कि घनश्याम पटेल उससे बनारस में मिला था। जब उसने इस गंदे काम से इनकार किया, तो घनश्याम ने उसे धमकी दी कि उसके कुछ व्यक्तिगत अश्लील फोटो उसके पास हैं, जिन्हें वह इंटरनेट पर वायरल कर देगा। इसी डर और बदनामी के खौफ से महिला उनके इशारों पर नाचने को मजबूर हो गई। आरोपियों ने महिला के बेटे के मोबाइल पर पैसे भेजे और उसके उज्जैन आने का टिकट भी बुक कराया।

रंगपंचमी के दिन ‘दत्त अखाड़े’ में हाई-वोल्टेज ड्रामा

साजिश अपने अंतिम चरण में थी। 8 मार्च, रंगपंचमी के दिन आरोपी घनश्याम पटेल अपने साथियों और उस महिला के साथ ‘दत्त अखाड़े’ पहुंचा। वहां वह महिला का एक फर्जी वीडियो बयान रिकॉर्ड कर रहा था ताकि उसे सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन तभी नियति ने करवट ली। वहां मौजूद महंत आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी को कुछ संदिग्ध लगा।

उन्होंने तुरंत घेराबंदी की और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर महिला को हिरासत में लिया, जिसके बाद इस पूरी साजिश की परतें उधड़ती चली गईं।

‘साध्वी’ का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि इस मामले में साध्वी मंदाकिनी पुरी (निवासी गढ़कालिका) और घनश्याम पटेल के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि साध्वी मंदाकिनी पुरी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी जेल की हवा खा चुकी हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और क्या इन्होंने पहले भी किसी प्रतिष्ठित संत को अपना शिकार बनाया है।

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