उज्जैन, अग्निपथ। ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में स्थानीय उज्जैन निवासियों को दर्शन के लिए प्रवेश में हो रही परेशानियों को लेकर महापौर मुकेश टटवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। महापौर ने प्रशासन को पत्र लिखकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
आधार कार्ड से सुलभ दर्शन की व्यवस्था हुई प्रभावित
महापौर टटवाल की पहल पर ही प्रशासन ने उज्जैनवासियों के लिए आधार कार्ड दिखाकर अलग द्वार से प्रवेश की सुविधा शुरू कराई थी, जिसे ‘अवंतिका द्वार’ नाम दिया गया था। हाल ही में मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था में किए गए बदलावों के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं की शिकायतों के बाद शनिवार को महापौर ने कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन सिंह को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
लंबी कतारों और अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
महापौर ने पत्र में उल्लेख किया कि उज्जैन के निवासियों को अवंतिका द्वार से प्रवेश देने के बाद आगे जाकर सामान्य कतार में मिला दिया जाता है। इसके कारण स्थानीय लोगों को भी लंबा घूमकर जाना पड़ रहा है और घंटों कतार में लगना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि उज्जैनवासियों को आधार कार्ड के माध्यम से बिना लंबी कतार में लगे शीघ्र और सुलभ दर्शन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
विशेष अवसरों पर सुविधा बंद करने का विरोध
महापौर ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि अक्सर विशेष पर्वों या अवसरों पर मंदिर समिति स्थानीय लोगों के लिए यह सुविधा बंद कर देती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय श्रद्धालु भगवान महाकाल के नियमित दर्शनार्थी हैं, इसलिए यह सुविधा वर्षभर और हर दिन चालू रहनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि व्यवस्था में तत्काल सुधार कर स्थानीय नागरिकों के सम्मान और सुविधा का ध्यान रखा जाए।
