पीएचई विभाग भी अलर्ट मोड पर, पेयजल सप्लाई के दौरान पानी की जांच कर रहे
उज्जैन, अग्निपथ। इंदौर में हुए प्रदूषित पेयजल के कारण हुई मौतों को लेकर उज्जैन भी हाई अलर्ट पर है। नगरनिगम के अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि भी अपनी अपनी तरह से पेयजल की टेस्टिंग में लगे हुए हैं। मंगलवार को महापौर मुकेश टटवाल द्वारा वार्डों में पहुंच कर जल प्रदाय एवं पानी की शुद्धता की हाथ में परखनली लेकर जांच की गई।
इंदौर में हुई मौतों के बाद शहर की पानी की टंकी की सफाई करवाने के लिये खुद निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा पहुंचे थे। इसके बाद महापौर मुकेश टटवाल, निगम सभापति श्रीमती कलावति यादव, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र ने गऊघाट स्थित ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर क्लोरिन सहित पानी साफ करने में उपयोग आने वाली दवाइयों की उपलब्धता देखी।
इसके बाद अब महापौर मंगलवार को हाथ में जल टेस्टिंग उपकरण लेकर वार्डों में पहुंचे और इसके परिणाम देखे। उन्होंने महेश नगर, श्रीराम कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 04 नागेश्वर धाम कॉलोनी में जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल एवं अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान महापौर द्वारा रहवासियों से भी चर्चा करते हुए पूछा कि पानी साफ आ रहा है या नहीं। रहवासियों द्वारा बताया गया कि पानी साफ आ रहा है साथ ही नगर निगम के अधिकारी घर-घर पहुंच कर पानी की जांच भी कर रहे हैं जिसके क्रम में मौके पर ही टेस्टिंग किट के द्वारा पानी में केमिकल डालकर जांच की गई जिसमें पानी शुद्ध पाया गया।
निरीक्षण के दौरान महापौर द्वारा सर्वप्रथम चामुंडा माता स्थित पीएचई विभाग के कंट्रोल रूम पर पहुंचकर जो शिकायत प्राप्त होती है इसके बारे में जानकारी ली गई एवं उनके समाधान किए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
