धार, अग्निपथ। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए धार जिले में पदस्थ एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी महिला पटवारी जमीन का पट्टा जारी करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के बदले में आवेदक से मोटी रकम की मांग कर रही थी। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पट्टा दिलाने के नाम पर मांगी थी एक लाख की रिश्वत
लोकायुक्त कार्यालय इंदौर से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कुमारियाखेड़ी निवासी 53 वर्षीय लक्ष्मण कुमावत ने शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक ने बताया कि जिस जमीन पर उसने मकान बनाया है और उसके पीछे की कब्जे वाली जमीन का पट्टा उसके नाम होना था। इस सरकारी प्रक्रिया को शीघ्रता से निपटाने के बदले हल्का पटवारी भारती राजपूत द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त पुलिस ने मामले का गुप्त रूप से सत्यापन कराया, जिसमें भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई।
लोकायुक्त टीम ने बिछाया जाल
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में शुक्रवार को एक विशेष ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के अनुसार आवेदक को रिश्वत की पहली किश्त देने के लिए भेजा गया। जैसे ही पटवारी भारती राजपूत ने आवेदक से 5 हजार रुपये की पहली किश्त स्वीकार की, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान महिला पटवारी के हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने जानकारी दी कि आरोपी भारती राजपूत के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। इस सफल कार्रवाई में कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोकायुक्त पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर रही है।
