आशीष यादव धार, अग्निपथ। ऐतिहासिक नगरी मांडू अब केवल इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक ‘हाई-एंड टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। देश-विदेश के सैलानियों को वीआईपी स्तर की सुविधाएं देने के लिए मांडू में बड़े होटल समूहों का निवेश तेजी से बढ़ रहा है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मांडू के कायाकल्प की योजना को अंतिम रूप दिया गया। इस परियोजना के तहत लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जाएंगे, जिसके लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर एजेंसी का चयन कर लिया गया है।
ऐतिहासिक धरोहरों का होगा सौंदर्यीकरण और डिजिटलीकरण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत मांडू के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों—राम मंदिर, जामा मस्जिद, अशर्फी महल, होशंगशाह का मकबरा, रैवा कुंड और विभिन्न दरवाजों की श्रृंखला का समग्र विकास किया जाएगा। योजना में आकर्षक गार्डन, आधुनिक रोशनी, हर्बल गार्डन और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए ऑडियो गाइड, मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, स्थानीय युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
नाइट टूरिज्म और लॉन्ग स्टे कल्चर को मिलेगा बढ़ावा
वर्तमान में उच्चस्तरीय ठहराव सुविधाओं की कमी के कारण अधिकांश पर्यटक शाम होते ही मांडू से लौट जाते हैं। फिल्म शूटिंग के दौरान भी कलाकारों को इंदौर या महेश्वर में रुकना पड़ता है। लेकिन अब परिदृश्य बदलने वाला है। नई होटल परियोजनाओं के शुरू होने से मांडू में ‘नाइट टूरिज्म’ शुरू होगा और पर्यटक यहाँ अधिक समय बिता सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ठहरने की बेहतर व्यवस्था होने से प्रतिवर्ष आने वाले 4 लाख सैलानियों की संख्या आने वाले समय में दोगुनी हो सकती है।
बड़े होटल समूहों की एंट्री और नई परियोजनाएं
मांडू की होटल इंडस्ट्री में राष्ट्रीय स्तर के बड़े समूहों ने रुचि दिखाई है। झाबुरी क्षेत्र में ‘ऑरेंज काउंटी’ द्वारा करीब 200 कमरों का वीआईपी होटल बनाया जा रहा है। वहीं, सराय स्थित किले के समीप ‘आईटीसी’ द्वारा 90 कमरों का होटल विकसित किया जा रहा है, जो अगले तीन से चार माह में तैयार हो जाएगा। इसके अलावा कलर्स ग्रुप और जी ग्रुप ने भी निवेश की इच्छा जताई है। जिला प्रशासन द्वारा काकड़ा खो, सुलीबयड़ी और मीरा की जिरात जैसे स्थानों पर थ्री, फोर और फाइव स्टार होटलों के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जारी है।
स्थानीय रोजगार और आर्थिक मजबूती
इन परियोजनाओं से मांडू की अर्थव्यवस्था को नया संबल मिलेगा। बड़े होटलों के आने से स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा, वहीं टैक्सी संचालन, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यंजनों के व्यवसाय को भी अप्रत्यक्ष लाभ होगा। छोटे होटल और होम-स्टे संचालकों के लिए भी नए अवसर सृजित होंगे। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन और स्थानीय संस्कृति का संरक्षण करना भी अनिवार्य होगा।
