सीहोर, अग्निपथ। इछावर थाना क्षेत्र में 10 फरवरी 2024 को एक 7 वर्षीय मासूम बालिका के सनसनीखेज अपहरण मामले में माननीय न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सफेद कार में सवार होकर आए बदमाशों ने पानी मांगने के बहाने बालिका का घर के बाहर से अपहरण कर लिया था। पुलिस की तत्परता और प्रभावी विवेचना के चलते इस जघन्य अपराध के सभी आरोपियों को कठोर दंड से दंडित किया गया है।
24 घंटे के भीतर शिवपुरी से हुई थी बरामदगी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया था। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर बालिका को शिवपुरी जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया था। अनुसंधान के दौरान इस अपहरण कांड में शामिल कुल 14 आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे ‘जघन्य एवं सनसनीखेज’ अपराध की श्रेणी में रखा गया था।
न्यायालय ने सुनाई कड़ी सजा और अर्थदंड
विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) सीहोर द्वारा समस्त वैधानिक प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के आधार पर 24 मार्च 2026 को अपना निर्णय सुनाया गया। न्यायालय ने मुख्य आरोपी राहुल मालवीय, शाहरुख नायता, अनुज शिवहरे और इकरा बी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, अन्य 9 आरोपियों दयाराम कंजर, तिवारी कंजर, सुनील कंजर, मांगीबाई कंजर, धर्मराज कबुतरा, आजाद कबूतरा, किरण बेडिया, वंदना बेडिया और सोम कंजर को 12-12 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 52,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
जांच टीम और अभियोजन पक्ष को मिलेगा पुरस्कार
इस जटिल प्रकरण का सफल अनुसंधान उपनिरीक्षक शिवलाल वर्मा एवं तत्कालीन एसडीओपी भेरूंदा दीपक कपूर द्वारा किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से सशक्त पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्रीमती रेखा यादव द्वारा की गई। उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से आरोपियों को सजा दिलाने वाली इस पूरी टीम को सक्षम स्तर से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
