उज्जैन, अग्निपथ। भारतीय किसान संघ ने सोमवार को उज्जैन कलेक्टर कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से फसलों को हुए भारी नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो तहसीलों में चक्का जाम किया जाएगा।
भारतीय किसान संघ, जिला उज्जैन (मालवा प्रांत, मध्य प्रदेश) ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसलों के संबंध में था।
गेहूं, चना और लहसुन की फसलों को भारी क्षति
किसानों ने बताया कि वर्ष 2026 की रबी फसल में गेहूं, चना, मटर, प्याज और लहसुन को भारी क्षति हुई है। संघ ने आरबीसी की धारा 6 (4) के तहत प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपये की राहत राशि और तत्काल फसल बीमा भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सरकार से 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने का वादा पूरा करने की भी अपील की गई।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष बहादुर सिंह आंजना ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं का दाना चमकविहीन हो गया है, अतः गुणवत्ता के आधार पर खरीदी में किसानों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने वेयरहाउस को खरीदी केंद्र बनाने और आलू-प्याज का समर्थन मूल्य घोषित करने की भी मांग की।
एडीएम की कार्यप्रणाली से नाराज दिखे किसान
ज्ञापन सौंपने के दौरान उज्जैन के एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे। किसानों का आरोप है कि उन्होंने पहले बात करने से इनकार कर दिया, जिससे पदाधिकारी नाराज हो गए। हालांकि, कुछ देर बाद एडीएम ने किसानों की बात सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बावजूद, आक्रोशित किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और एडीएम का पुतला फूंका।
भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष शिव शरण चरण ने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि सर्वे कब होगा और राहत राशि कब मिलेगी। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो जिले की विभिन्न तहसीलों में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।
