भैरवगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जीवाजीगंज सिविल अस्पताल का निर्माण भी होगा
उज्जैन, अग्निपथ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कालिदास अकादमी परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उज्जैन नगर को करीब 33 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न किया।
स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने नगर निगम के बेड़े में 2.36 करोड़ रुपये की लागत वाली 16 नई ‘डोर टू डोर’ कचरा गाड़ियों सहित 5 अन्य वाहनों को शामिल किया। इसके साथ ही, नगर की सफाई व्यवस्था में लगे स्वच्छता निरीक्षकों के लिए 75 लाख रुपये की लागत से खरीदे गए 170 नवीन वायरलेस हैंडसेट का भी लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं वायरलेस हैंडसेट से कंट्रोल रूम पर बात कर इसकी उपयोगिता जांची और पूरी टीम को ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष के साथ बधाई दी।
स्वास्थ्य और पेयजल की नई सुविधाएं
आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने जीवाजीगंज सिविल अस्पताल (लागत 16 करोड़ रुपये) और भैरवगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (लागत 3 करोड़ रुपये) का भूमिपूजन किया। पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रामघाट छोटे पुल पर 6.12 करोड़ रुपये की पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्य का शिलान्यास भी किया गया।
पर्यावरण और खेल को प्रोत्साहन
कार्यक्रम के दौरान 90 लाख रुपये की लागत से तैयार ‘नगर वन क्षिप्रा विहार’ का लोकार्पण किया गया, जो शहर के लिए ऑक्सीजन हब के रूप में कार्य करेगा। वहीं, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत 1.32 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्केटिंग रिंग और सीएनजी आधारित एनिमल कारकस प्लांट (लागत 2.49 करोड़ रुपये) का भी भूमिपूजन हुआ।
इन जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
समारोह में उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, पूर्व विधायक पारस जैन, एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा, शिवेंद्र तिवारी, रजत मेहता, जितेंद्र कुवाल, कैलाश प्रजापत, डॉ. योगेश्वरी राठौर, श्रीमती दुर्गा शक्ति सिंह चौधरी, पार्षद हेमंत गहलोत और दिलीप परमार सहित कई गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
