मोहन बड़ोदिया, अग्निपथ। कुंडलियां डेम परियोजना के निर्माण में लगी एल एंड टी कंपनी की लापरवाही अब मोहन बड़ोदिया नगर के लिए मुसीबत बन गई है। ठेकेदार द्वारा वर्षों पुरानी नलजल योजना की पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिए जाने से पूरे क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को पानी की एक-एक बूंद के लिए मीलों भटकना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार ठेकेदार इस समस्या के प्रति उदासीन बना हुआ है। मंगलवार को पीएचई के केएस डामोर ने जल निगम के कार्यों का निरीक्षण किया, जिसमें मंदिरपुरा और कृष्ण मंदिर मोहल्ला जैसे क्षेत्रों में अधूरा कार्य और नलों में पानी का बेहद कम दबाव जैसी समस्याएँ उजागर हुईं।
कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करना पड़ा भारी
उल्लेखनीय है कि गत 22 जनवरी को कलेक्टर ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें जल निगम का कार्य अधूरा पाया गया था। उस समय कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जब तक योजना का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक ठेकेदार टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करे। परंतु कंपनी ने इन निर्देशों को ताक पर रख दिया। 2 फरवरी को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में जब यह मामला सामने आया, तो कलेक्टर का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तत्काल निर्माण कंपनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत ने थाने में दर्ज कराया शिकायती आवेदन
कलेक्टर के कड़े रुख के बाद ग्राम पंचायत मोहन बड़ोदिया सक्रिय हुई। पंचायत सचिव अर्जुन सिंह चौहान ने मोहन बड़ोदिया पुलिस थाने में एल एंड टी कंपनी के विरुद्ध औपचारिक आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सचिव ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण ग्राम की पुरानी पाइप लाइन टूट गई, जिससे जल प्रदाय ठप हो गया। अब प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप से ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान होगा और लापरवाह कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
