नागदा, अग्निपथ। उज्जैन-जावरा मार्ग पर लगातार हो रहे खूनी हादसों और आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए इस मार्ग को फोरलेन बनाने की मांग अब तेज हो गई है। पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री को पुन: एक पत्र लिखकर आगाह किया है कि यदि शासन ने इस संवेदनशील मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति जल्द नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव से ज्ञापन भेजकर जनआंदोलन शुरू करेगी। वर्तमान में सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन के अन्य सभी प्रमुख मार्गों को फोरलेन किया जा रहा है, लेकिन अत्यधिक यातायात दबाव वाले इस मार्ग की अनदेखी यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
दुर्घटनाओं के आंकड़े कर रहे भयभीत
पूर्व विधायक गुर्जर ने पत्र में चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2015 से जुलाई 2025 तक बीते 11 वर्षों में इस टू-लेन मार्ग पर कुल 2063 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में अब तक 572 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 2516 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट हाईवे पर मौतों का यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है, जिससे आंकड़ों की भयावहता और अधिक बढ़ गई है।
नागदा-उज्जैन मार्ग का चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक
श्री गुर्जर ने सुझाव दिया कि यदि संसाधनों के अभाव में पूरे मार्ग का उन्नयन संभव न हो, तो कम से कम नागदा से उज्जैन तक के हिस्से को तुरंत फोरलेन किया जाए। नागदा जिला मुख्यालय के बाद दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है, जहाँ राजस्थान, गुजरात और दिल्ली सहित कई राज्यों से श्रद्धालु रेल और सड़क मार्ग से उज्जैन पहुँचते हैं। टू-लेन होने के कारण यह मार्ग अब बढ़ते यातायात का दबाव झेलने में सक्षम नहीं है।
सदन से सड़क तक संघर्ष की चेतावनी
पूर्व विधायक ने याद दिलाया कि पहले यह मार्ग सिंगल रोड था, जिसे उनके कार्यकाल के प्रयासों से टू-लेन बनाया गया था। अब बदली हुई परिस्थितियों में इसका विस्तार जरूरी है। आगामी बजट सत्र में भी कांग्रेस विधायकों द्वारा इस मांग को सदन में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जनहित और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो रोड पर आने वाले प्रत्येक गांव और शहर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।
